ताइवान बना समलैंगिक विवाह कानून बनाने वाला एशिया का पहला देश

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समलैंगिक विवाह

हाल ही में ताइवान की संसद द्वारा एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। इतना ही नहीं संसद में किसी भी रूढ़िवादी सांसद की एक भी बात नहीं चली। ताइवान के ससंद में पहले समलैंगिक विवाह को कानूनी तौर पर अनुमति दे दी गई है। इतना ही नहीं अनुमति देने के साथ ही साथ उन्होंने समलैंगिक जोडों को ”विशिष्ट स्थायी संघ बनाने और सरकारी कार्यालय में विवाह पंजीकरण करने की आधिकारिक तौर पर अनुमति दे दी है।

हम आपको बताना चाहते है की इस फैसले को इंटरनेशनल डे एगेंस्ट होमोफोबिया, ट्रांसफोबिया और बाइफोबिया के दिन लिया गया है। ताइवान के संसद में लिए गए इस निर्णय के बाद ताइवान के सभी एलजीबीटी समुदाय में ख़ुशी का माहौल बन गया है। क्योंकि इस निर्णय से पहले उन्होंने विभिन्न लिंग के दम्पत्तियों की तरह ही अगर विवाह करना होता था तो उन्होंने इसकेलिए कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन इस फैसले के बाद वह बिना किसी परेशानी के विवाह कर सकते है।

यह ऐतिहासिक फैसला इसलिए ले पाना संभव हुआ क्योंकि ताइवान की संसद में समलैंगिक अधिकार समर्थको को भारी बहुमत हासिल हुआ था। वैसे हम आपको बता दें की इस अहम मुद्दे को लेकर ताइवान देश में सोच विभिन्न प्रकार की है।

विवाह पंजीकरण करने के लिए अब सभी समलैंगिक नागरिक किसी भी सरकारी कार्यालय में जाकर अपना विवाह पंजीकरण करा सकते है। इस सुविधा के उपलब्ध होने से उनके समुदाय को अलग-अलग लिंग के दंपत्तियों के समान अधिकार मिल पाना संभव हो पाया है।

इसके अलावा, ताइवान की उच्च न्यायालय ने इस फैसले की प्रशंशा करते हुए कहा है की ताइवान के एक ही जोड़ो को विवाह करने की अनुमति न देना देश के संविधान के खिलाफ था। इतना ही नहीं न्यायधीश द्वारा सरकार को 24  मई तक कानून को सम्पूर्ण रूप से बदलने के आदेश दे दिए है।

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