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Blinkit में क्या हुआ? Zomato CEO ने Dhindsa को क्यों कहा 'Step Down'?

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Blinkit में क्या हुआ? Zomato CEO ने Dhindsa को क्यों कहा 'Step Down'?

हाल ही में, Zomato के पैरेंट कंपनी Eternal के CEO और सह‑संस्थापक दीपिंदर गोयल द्वारा पॉपुलर पॉडकास्टर Raj Shamani के एक पॉडकास्ट में बहुत बड़ा खुलासा किया गया है। CEO Deepinder Goyal ने अपने इस इंटरव्यू में बताया है कि कैसे  Zomato द्वारा Blinkit के अधिग्रहण के बाद उन्होंने Blinkit के संस्थापक और CEO अलबिन्दर ढिंद्सा (Albinder Dhindsa) को दो बार अपनी भूमिका से हटाने की कोशिश की थी।

Raj Shamani Podcast में दिया गया यह बयान उन लोगों के लिए है जो Blinkit की कहानी को तब से देखा है जब Zomato वर्ष 2022 में Blinkit को ख़रीदा गया था। पहले इस कंपनी को Grofers के नाम से जाना जाता था। 

Blinkit में अधिग्रहण (Acquisition) के दौरान क्या हुआ?

क्या आपको पता है कि Blinkit एक भारतीय Quick Commerce कंपनी है, जिसका मुख्य उद्देश्य है अपने सभी उपभोक्ताओं को मात्र 10 मिनट में डिलीवरी प्रदान करना। बहुत कम लोग जानते होंगे कि वर्ष 2013 में Grofers के नाम से इस कंपनी को शुरू किया गया था।

जबकि बाद में इसका नाम बदलकर Blinkit रख दिया गया था। वर्तमान समय में Blinkit को Instant Delivery सेवा के रूप में जाना जाता है। जो अपने ग्राहकों को ताजे उत्पाद और ज़रूरत के हिसाब से चीजें उपलब्ध कराता हैं।

Zomato द्वारा वर्ष 2022 में Blinkit को लगभग ₹4,447 करोड़ में खरीद लिया गया था। इसमें Zomato ने Blinkit के सभी स्टॉक डील को ख़रीदा था। इस डील के बाद, Zomato के पास Quick Commerce सेक्टर में अपनी एक अलग पहचान बनाने का बड़ा मौका था, जो फ़ूड डिलीवरी से एक एक कदम आगे बढ़कर विभिन्न प्रकार की संवेदनशील सेवाओं का विस्तार करना था।

Podcast में Zomato के CEO दीपिंदर गोयल ने किया बड़ा खुलासा

क्या आपको पता है कि हाल ही में Raj Shamani के एक Podcast में Zomato के CEO दीपिंदर गोयल ने एक बहुत बड़ा खुलासा कर दिया है, जिसके बाद इस पॉडकास्ट के सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैं।

इस पॉडकास्ट में दीपिंदर गोयल ने Blinkit के CEO Albinder Dhindsa दो बार अपना पद छोड़ने के लिए कहा था। पॉडकास्ट में कहा गया है कि Dhindsa को प्रबंधन की उम्मीदों और संगठनात्मक बदलाव में परेशानी हो रही थी।

Raj Shamani के पॉडकास्ट में दीपिंदर गोयल ने कहा कि “मैंने उन्हें कहा, ‘तुम इसे नहीं संभाल पाओगे।’ उन्होंने ‘ठीक है’ कहा — यह स्थिति दो बार बनी थी। सीईओ गोयल के अनुसार, यह “coach-then-confront" नेतृत्व दर्शन का हिस्सा था, लेकिन गोयल द्वारा शुरुआती समय में Dhindsa को धैर्यपूर्वक मार्गदर्शन दिया था। इसके बाद भी जब उन्हें प्रगति में कमी दिखाई दी, तो सीधे रूप से मुकाबले की रणनीति को बेहतर विकल्प माना था।

क्यों यह मुद्दा गंभीर है? - मूल कारण

इस मुद्दे के गंभीर होने के कुछ निम्नलिखित कारण है जैसे कि –

अधिग्रहण की रणनीति बदलना :- 

जैसाकि आपको पता है कि Blinkit के पहले Grofers के नाम से जाना जाता था। जिसका मुख्य उधेश्य अपने उपभोताओं से फ़ास्ट डिलीवरी देना था। इतना ही नहीं, Zomato द्वारा इसके मॉडल में बदलाव किए गए थे। जिसमें कंपनी 10 मिनट में डिलीवरी करने का भरोसा दे रही थी।

नेतृत्व में एकजुटता की जरूरत :- 

Dhindsa के लिए इस प्रकार का बदलाव बहुत मुश्किल साबित हो रहा था क्योंकि Dhindsa को बदलाव के बाद, नयी कार्यप्रणाली को समझने में विभिन्न प्रकार की परेशानियां हो रही थी। यही सब कारण थे जिसके बाद सीईओ गोयल द्वारा "नेतृत्व की रणीनीति" को अपनाया गया था। गोयल के इस कदम ने Dhindsa को नई दिशा और सोच के लिए प्रेरित किया था।

व्यापार प्रदर्शन पर दबाव :- 

फ़ास्ट डिलीवरी के क्षेत्र में Blinkit से पहले भी Zomato Instamart, Swiggy Instamart, Zepto, Amazon और Flipkart जैसी बड़ी कंपनी मौजूद थी। ऐसे में Blinkit को जल्दी से बढ़ने और काम को सही तरीके से करने की जरूरत थी, और इसके लिए मजबूत नेतृत्व और अच्छे प्रदर्शन की आवश्यकता थी, ताकि वह इस प्रतिस्पर्धी बाजार में आगे की ओर बढ़ सके।

“रॉक बॉटम" लीडरशिप का मतलब क्या है?

Raj Shamani के पॉडकास्ट में Zomato के सीईओ दीपिंदर द्वारा अपनी लीडरशिप फिलॉसफी "रॉक बॉटम" के बारे में भी विस्तारपूर्वक बात की हैं। यह तरीका धैर्यपूर्वक मार्गदर्शन से शुरू होता है। इस प्रकिया में लीडर को सही सलाह दी जाती है।

इतना ही नहीं, जब प्रगति धीमी या रुकी हुई लगती है, तो उस समय सीईओ गोयल द्वारा सीधे मुकाबले के लिए अपनी स्थिति पर सोचने के लिए मजबूर किया जाता हैं। सीईओ गोयल के अनुसार, इस प्रकार की स्थिति में आत्मविशवास की कमी देखनें को मिलती हैं।

गोयल द्वारा इन तरीकों को सिर्फ उन लोगों पर लागू किया जाता है, जिन्हें सम्पूर्ण रूप से उस कार्य करने के लिए सक्षम होते हैं।

क्या धिंदसा का पद बदला गया?

पॉडकास्ट में फिलहाल दीपिंदर गोयल द्वारा इस बात को साफ़ तौर पर नहीं बताया है कि धिंदसा के पद या जिम्मेदारियों में कोई अधिकारिक तौर पर बदला हुआ है या नहीं। इसके अलावा, उनका कहना था कि उनके द्वारा  2 बार पद छोड़ने के लिए कहा गया था। धिंदसा की कंपनी में क्या भूमिका थी इसको भी खुलकर नहीं बताया है।

क्या इस विवाद से स्टार्टअप कल्चर पर क्यों फ़र्क पड़ेगा?

इस विवाद के बाद, ऐसा हो सकता है कि भारतीय स्टार्टअप कल्चर में इसका प्रभाव देखनें को मिले। साथ ही अधिग्रहण होने के बाद नेतृत्व को एकजुट करने में परेशानी हो सकती है। ज्यादातर देखा गया है कि जब किसी कंपनी के फाउंडर और सीईओ के बीच कुछ बदलाव होते हैं, तो संस्कृति, काम करने का तरीका और रणनीति में अच्छे से तालमेल बैठाने में काफी दिक्कत होती हैं।

FAQs

Q. Blinkit क्या है और Zomato ने इसे क्यों खरीदा?

A. Blinkit एक भारतीय Quick Commerce कंपनी है, जो अपने सभी उपभोताओ को 10 मिनट में किसी भी समान की डिलीवरी करती है। Zomato द्वारा इस कंपनी को वर्ष 2022 में  ₹4,447 करोड़ की लागत में ख़रीदा गया था।

Q. क्या Deepinder Goyal का यह कदम सही था?

A. जी हाँ, दीपिंदर गोयल द्वारा इस कदम को बिजनेस में विकास को देखते हुए लिया गया हैं। उनका मानना था कि Dhindsa को एक नई दिशा की ज़रूरत थी। इसकेलिए ही उन्हें उनका पद छोड़ने के लिए कहा गया था।

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