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जापानी किताब ‘गमन’ से सीखें अनुशासन के 5 नियम

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जापानी किताब ‘गमन’ से सीखें अनुशासन के 5 नियम

Gaman Japanese Book Review In Hindi: इस दुनिया में कई देश हैं और हर देश के लोगों का जीवन जीने का तरीका अलग-अलग है। अगर हम अपने देश भारत के लोगों की बात करें, तो आज यहां का हर व्यक्ति तेज और तुरंत परिणाम चाहता है। थोड़ी सी परेशानी आते ही हम परेशान हो जाते हैं, शिकायत करने लगते हैं या हालात को कोसने लगते हैं।

वहीं अगर हम जापान जैसे विकसित देश की बात करें जिसने दुनिया को यह दिखाया है कि बिना शोर किए, बिना रोए, बिना दोष लगाए भी ज़िंदगी को मज़बूती से जिया जा सकता है। और जापान में इसी सोच का नाम है गमन (Gaman)।

गमन बुक रिव्यू (Gaman Book Review In Hindi)

गमन जैसे महत्त्वपूर्ण विषय पर आधारित ये किताब कोई साधारण सेल्फ हेल्प बुक नहीं है, बल्कि यह जापानी संस्कृति, मानसिक अनुशासन और आत्मनियंत्रण का आईना है।

गमन का अर्थ क्या है?

जापानी भाषा में गमन का अर्थ होता है कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य रखना, खुद को संभालना और बिना शिकायत किए अपना कर्तव्य निभाना।

इसका मतलब यह नहीं कि दर्द महसूस ही न किया जाए, बल्कि इसका मतलब है कि अपने दर्द को दूसरों पर न थोपना, अपनी तकलीफ को खुद संभालना और हालात से लड़ते हुए भी शांत रहना। जापान में गमन को बचपन से ही जीवन का हिस्सा बना दिया जाता है।

गमन किताब का सारांश

गमन किताब हमें यह समझाती है कि जीवन में समस्याएँ आना तय है, लेकिन समस्या से बड़ा होता है हमारा रवैया।

किताब में बताया गया है कि दुख को दिखावा बनाना ज़रूरी नहीं होता, हर असफलता पर टूट जाना समझदारी नहीं है, आत्मनियंत्रण से ही मानसिक शक्ति बढ़ती है और अनुशासन केवल नियम नहीं बल्कि सोच भी है।

लेखक उदाहरणों के ज़रिए बताता है कि जापानी लोग किस तरह प्राकृतिक आपदाओं, आर्थिक संकटों और व्यक्तिगत दुखों में भी शांत और जिम्मेदार बने रहते हैं।

कैसी है गमन किताब की संरचना?

इस किताब में कोई एक कहानी नहीं है। यह किताब विचारों, अनुभवों और वास्तविक जीवन के उदाहरणों से बनी है।

इस किताब के मुख्य विषयों में शामिल हैं कि जापान में बच्चों को धैर्य कैसे सिखाया जाता है, स्कूलों में आत्म अनुशासन की क्या भूमिका होती है, कार्यस्थल पर भावनाओं पर कैसे नियंत्रण रखें, आपदाओं के समय अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को कैसे निभाएं और व्यक्तिगत जीवन में सहनशीलता किस तरह से विकसित करें।

गमन किताब का हर अध्याय यह समझाने की कोशिश करता है कि गमन सिर्फ सहना नहीं है बल्कि खुद को बेहतर बनाना भी है।

गमन का असली उद्देश्य

इस किताब का उद्देश्य लोगों को यह सिखाना है कि हर समस्या का समाधान शिकायत नहीं होता, मानसिक मजबूती बाहरी हालात पर निर्भर नहीं करती, सच्ची ताकत आत्मनियंत्रण में होती है और जीवन में शांति अनुशासन से आती है।

लेखक इस किताब का उद्देश्य साफ करते हुए यह बताते हैं कि गमन का मतलब दबना नहीं बल्कि अंदर से मज़बूत होना है।

गमन के 5 जीवन नियम

1. शिकायत कम करना

जो व्यक्ति हर बात पर शिकायत करता है, वह मानसिक रूप से कमज़ोर होता जाता है। गमन सिखाता है कि हालात को स्वीकार कर आगे बढ़ा जाए।

2. भावनाओं पर संतुलन

गुस्सा, डर, दुख आदि भावनाओं को पहचानना बहुत ज़रूरी है, लेकिन उनका गुलाम नहीं बनना चाहिए।

3. कर्तव्य सबसे ऊपर

जापानी सोच में जिम्मेदारी सबसे पहले आती है और व्यक्तिगत भावना बाद में। इसलिए दूसरों के प्रति अपने कर्तव्यों को सबसे ऊपर स्थान देना चाहिए।  

4. चुपचाप निरंतर प्रयास करना

थोड़ा-थोड़ा ही सही मगर बिना दिखावे के रोज़ प्रयास करना और अपने आपको बेहतर बनना बहुत जरूरी है।  

5. दूसरों के लिए असुविधा न बनें

आपकी वजह से किसी और को परेशानी न हो यह गमन की मूल भावना है।

आधुनिक जीवन में गमन का महत्त्व

आज के समय में लोगों के जीवन में तनाव बढ़ रहा है, धैर्य कम हो रहा है और तुलना करने की भावना ज़्यादा हो रही है।

ऐसे में गमन हमें सिखाता है कि सोशल मीडिया के शोर से दूर रहें, खुद की गति से आगे बढ़ें, असफलता को सीख के रूप में लें और मानसिक शांति को प्राथमिकता दें।

यह किताब किन लोगों के लिए है?

यह किताब खासतौर पर उन छात्रों के लिए है जो जीवन में फोकस और अनुशासन चाहते हैं, उन युवाओं के लिए है जो करियर दबाव में हैं, उन नौकरीपेशा लोगों के लिए है जो तनाव से जूझ रहे हैं, आत्मविकास में रुचि रखने वालों के लिए है और उन लोगों के लिए है जो धैर्य सीखना चाहते हैं।

गमन से मिलने वाली जीवन सीख

  • हर दर्द को दिखाना ज़रूरी नहीं होता
  • चुप रहना कमजोरी नहीं है
  • अनुशासन आदत से बनता है
  • धैर्य से आत्मविश्वास बढ़ता है
  • शांत लोग अक्सर सबसे मज़बूत होते हैं

निष्कर्ष

गमन हमें यह सिखाता है कि जीवन में सबसे बड़ी जीत खुद पर नियंत्रण पाना है। यह किताब शोर मचाकर मोटिवेट नहीं करती, बल्कि चुपचाप अंदर से मज़बूत बनाती है।

अगर आप जीवन में स्थिरता, मानसिक मजबूती और आत्म अनुशासन चाहते हैं, तो गमन की सोच को अपनाना एक सही कदम हो सकता है। कभी-कभी चुपचाप सहना हार नहीं, बल्कि सबसे बड़ी जीत होती है और यही सच्चा गमन है।

FAQs

1. गमन का क्या मतलब है?

उत्तर- गमन एक जापानी शब्द है, जिसका मतलब है कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य रखना, आत्मनियंत्रण बनाए रखना और बिना शिकायत आगे बढ़ना।

2. क्या गमन किताब केवल जापानी संस्कृति के बारे में है?

उत्तर- नहीं, यह किताब जापानी सोच के साथ-साथ जीवन में अनुशासन, मानसिक मजबूती और धैर्य अपनाने की सीख देती है, जो हर इंसान के लिए उपयोगी है।

3. गमन की सोच को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कैसे अपनाएँ?

उत्तर- कम शिकायत करना, भावनाओं पर नियंत्रण रखना, अपने कर्तव्यों पर ध्यान देना और मुश्किल समय में शांत रहना गमन की सोच को अपनाने के आसान तरीके हैं।

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