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Ikkis Movie Review: 21 साल की उम्र में शहादत, धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ने रुलाया

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Ikkis Movie Review: 21 साल की उम्र में शहादत, धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ने रुलाया

Ikkis Review: नए साल 2026 की शुरुआत में सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई फिल्म इक्कीस (Ikkis) ने सिनेमा प्रेमियों और समीक्षकों दोनों का ध्यान अपनी तरफ खींचा है।

श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनीं यह फिल्म केवल एक एक्शन ड्रामा नहीं है, बल्कि 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अपने समय के सबसे युवा वीर जवान लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की असली ज़िंदगी पर आधारित एक असली कहानी है।

भावनाओं से भरी है फिल्म इक्कीस की कहानी

इक्कीस की कहानी दो हिस्सों में बंटी हुई है। एक और जहां 21 साल के अरुण खेत्रपाल (अगस्त्य नंदा) युद्ध के बीच अपने टैंक के साथ वीरता से लड़ते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ उनके पिता, ब्रिगेडियर मदन लाल खेत्रपाल (धर्मेंद्र) उनकी याद में अपने दर्द और सवालों को समेटते हैं।

यह फिल्म युद्ध, हिंसा और लड़ाई से बढ़कर उसके इंसानी और भावनात्मक पक्ष पर सवाल उठाती है। धर्मेंद्र का किरदार इस फिल्म का सबसे इमोशनल पार्ट है। उनके चेहरे पर दिखते दर्द, गर्व और खोए हुए बेटे की याद दर्शकों के दिल को छू लेती है। धर्मेंद्र का रोल उनकी इस आखिरी फिल्म के रूप में दिल से जुड़ने वाला और यादगार बन गया है।

कैसा है इक्कीस में कलाकारों का अभिनय?

फिल्म इक्कीस के एक्टिंग लेवल की अगर बात करें, तो धर्मेंद्र ने अपने करियर की शायद सबसे दिल छू लेने वाली भूमिका निभाई है। उनके शांत और गंभीर अभिनय ने फिल्म को गहरा मानवीय एहसास दिया है। फिल्म समीक्षकों ने उनकी एक्टिंग की खूब तारीफ की है।

अगस्त्य नंदा ने अरुण खेत्रपाल के रूप में काफी सटीक एक्टिंग है। कुछ फिल्म समीक्षक उनके इस अभिनय को प्रभावशाली मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि उनका अभिनय कहीं-कहीं स्थिर और कमजोर महसूस हुआ है।

जयदीप अहलावत ने पाकिस्तानी कमांडर निसार के रूप में अपनी भूमिका को गंभीरता से निभाया है, जिससे फिल्म का मानवीय पक्ष और मजबूत होता दिखाई दिया है। सिमर भाटिया की भूमिका भी स्थिर और ठीक-ठाक रही है।

कैसे अलग है इक्कीस फिल्म में राघवन का निर्देशन?

इक्कीस फिल्म में श्रीराम राघवन का निर्देशन दूसरी इतिहास, युद्ध और देशभक्ति वाली फिल्मों से काफी अलग है। युद्ध की लड़ाई को केवल धमाकों और एक्शन से पेश करने के बजाय उन्होंने भावनात्मक जुड़ाव, मानवीय सवाल और रिश्तों की मुश्किलों को आगे रखा है।

फिल्म नाटकीय न होकर संवेदनशील रूप से आगे बढ़ती है और युद्ध की वास्तविकता को उतना ही गहरा बनाती है। कुछ फिल्म समीक्षकों ने कहा है कि फिल्म युद्ध को गंभीरता से दिखाने के बजाय शांत और मानवीय दृष्टिकोण अपनाती है, जो इसे बाकी बॉलीवुड की देशभक्ति फिल्मों से अलग बनाती है।

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प्रेम कहानी और गानों में कमजोर रह गई फिल्म इक्कीस

कुछ फिल्म समीक्षकों के अनुसार इक्कीस फिल्म अपनी प्रेम कहानी में थोड़ा पीछे रह गई। जबकि कुछ ने महसूस किया कि इस फिल्म के गीतों ने फिल्म की गति को थोड़ा धीमा कर दिया। इसके अलावा कुछ दर्शकों और समीक्षकों ने अभिनय और कहानी पर भी सवाल उठाए हैं।

बॉक्स ऑफिस और दर्शकों की प्रतिक्रिया

इक्कीस ने रिलीज के पहले दो दिनों में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया है। विशेष तौर पर धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म होने के कारण दर्शकों में भावनात्मक जुड़ाव नज़र आया है। यह फिल्म दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाने में सफल रही है।

क्यों देखें इक्कीस फिल्म?

इक्कीस केवल एक युद्ध की कहानी नहीं है, बल्कि यह कर्म, बलिदान, परिवार और इंसान की आंतरिक भावना की एक तस्वीर भी है।

यह फिल्म इतिहास का सम्मान करती है और हमें सोचने पर मजबूर करती है कि युद्ध केवल हार या जीत नहीं, बल्कि एक इंसान की जान की कीमत से भी जुड़ा होता है।

अगर आप धर्मेंद्र के फैन हैं और उनकी आखिरी फिल्म में उनके अभिनय को देखना चाहते हैं, तो ये फिल्म देख सकते हैं।

इसके अलावा अगर आपको सच्ची घटनाओं पर आधारित देशभक्ति से जुड़ी फिल्में पसंद हैं, तो आपको ये फिल्म ज़रूर देखनी चाहिए। भावनात्मक कहानी और युद्ध के मानवीय पक्ष को दिखाने की कोशिश इस फिल्म को एक खास अनुभव बनाती है।

FAQs

1. फिल्म इक्कीस किस पर आधारित है?

उत्तर- इक्कीस 1971 के भारत-पाक युद्ध के नायक लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की सच्ची कहानी पर आधारित है।

2. इक्कीस फिल्म में धर्मेंद्र की भूमिका क्या है?

उत्तर- धर्मेंद्र ने अरुण खेत्रपाल के पिता का किरदार निभाया है, जो फिल्म का भावनात्मक केंद्र है।

3. इक्कीस को दूसरी वॉर फिल्मों से अलग क्या बनाता है?

उत्तर- यह फिल्म एक्शन से ज्यादा भावनाओं, बलिदान और इंसानी रिश्तों पर फोकस करती है।

4. क्या इक्कीस देखने लायक फिल्म है?

उत्तर- हाँ, अगर आपको सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्में पसंद हैं, तो इक्कीस जरूर देखनी चाहिए।

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