फिल्म 'The Kerala Story 2' पर बढ़ा कानूनी विवाद, केरल हाई कोर्ट ने थमाया नोटिस
The Kerala Story 2 Controversy News: फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ (The Kerala Story 2) एक बार फिर कानूनी चर्चा में आ गई है। आपको बता दें कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से सर्टिफिकेट मिलने के बाद इसके खिलाफ केरल हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में फिल्म के सर्टिफिकेट को रद्द करने और रिलीज़ पर रोक लगाने की माँग की गई है।
इस मामले को गंभीर मानते हुए केरल हाई कोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं, केंद्र सरकार और सीबीएफसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह मामला फिल्म के रिलीज़ होने से ठीक पहले सामने आया है, जिससे ये विवाद और भी बढ़ गया है। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए सभी पक्षों से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है।
याचिका में क्या आरोप लगाए गए?
याचिकाकर्ता का कहना है कि फिल्म का शीर्षक और इसकी कहानी के कुछ हिस्से केरल राज्य और उसके लोगों की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं। याचिका में दावा किया गया है कि फिल्म में दिखाए गए विषय सामाजिक और धार्मिक संवेदनाओं को प्रभावित कर सकते हैं।
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि फिल्म को सर्टिफिकेट देते समय सभी तथ्यों और संभावित प्रभावों पर ठीक से विचार नहीं किया गया। इसलिए उन्होंने अदालत से मांग की है कि या तो फिल्म के सर्टिफिकेट को रद्द किया जाए या रिलीज़ से पहले जरूरी बदलाव किए जाएं।
‘द केरल स्टोरी 2’ पर कोर्ट ने क्या कहा?
केरल हाई कोर्ट ने फिलहाल फिल्म की रिलीज़ पर तुरंत रोक नहीं लगाई है। अदालत ने सिर्फ नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। इसका मतलब यह है कि कोर्ट पहले सभी तथ्यों को समझना चाहती है, उसके बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।
नोटिस जारी करना इस बात का संकेत है कि अदालत इस मामले को गंभीरता से देख रही है। अगली सुनवाई में यह तय होगा कि फिल्म को लेकर उठाई गई आपत्तियां कितनी सही हैं और क्या किसी प्रकार की रोक या संशोधन की जरूरत है।
सेंसर बोर्ड की भूमिका
भारत में किसी भी फिल्म को रिलीज़ से पहले सीबीएफसी यानी फिल्म सेंसर बोर्ड से प्रमाणपत्र लेना जरूरी होता है। बोर्ड फिल्म के कंटेंट की हर तरह से जांच करता है और उसके बाद उसे यू, यू/ए या ए श्रेणी में प्रमाणित करता है।
इस मामले में याचिकाकर्ता ने सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि बोर्ड या फिल्म निर्माताओं की ओर से अभी तक सार्वजनिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अदालत में दायर जवाब के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
समाज में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
फिल्म को लेकर समाज में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं और मानते हैं कि फिल्मों को अपनी कहानी कहने का अधिकार है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि फिल्मों को सामाजिक जिम्मेदारी का भी ध्यान रखना चाहिए, खासकर जब विषय संवेदनशील हो।
यह विवाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि कला की स्वतंत्रता और सामाजिक संतुलन के बीच सीमा रेखा कहाँ तय की जाए?
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजरें केरल हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत में दाखिल जवाबों और दलीलों के आधार पर फैसला लिया जाएगा। ऐसा संभव है कि कोर्ट फिल्म में बदलाव का सुझाव दे या फिर याचिका खारिज कर दे।
फिलहाल ये बात तो साफ है कि The Kerala Story 2 को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है और अंतिम निर्णय अदालत के विचार के बाद ही सामने आएगा। यह मामला सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कानून, सिनेमा और समाज के रिश्ते पर भी महत्त्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गया है।
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FAQs
1. द केरल स्टोरी 2 मामले में हाई कोर्ट ने क्या किया है?
उत्तर- केरल हाई कोर्ट ने फिल्म के खिलाफ दायर याचिका पर निर्माताओं और सेंसर बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
2. याचिकाकर्ता की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर- याचिकाकर्ता ने फिल्म The Kerala Story 2 के सेंसर सर्टिफिकेट को रद्द करने और रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग की है।
3. क्या The Kerala Story 2 फिल्म की रिलीज़ पर तुरंत रोक लगा दी गई है?
उत्तर- नहीं, फिलहाल कोर्ट ने सिर्फ नोटिस जारी किया है, अंतिम फैसला अगली सुनवाई के बाद होगा।
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