Top 10 Hindi Books: पढ़ने का है शौक, तो ये 10 हिंदी किताबें ज़रूर पढ़ें!
Top 10 Hindi Books To Read: शब्दों में वो जादू होता है जो आपको बिना घर से बाहर निकले पूरी दुनिया की सैर करा सकता है। हिंदी साहित्य का खजाना इतना बड़ा है कि अगर आप एक बार इसमें डूब गए, तो आपको रील और शॉर्ट्स की दुनिया फीकी लगने लगेगी।
यहाँ प्रेमचंद की सादगी भी है और हरिवंश राय बच्चन की गहराई भी। अगर आप भी अपनी बोरियत को दूर करना चाहते हैं और कुछ ऐसा पढ़ना चाहते हैं जो सीधे दिल को छुए, तो आप सही जगह आए हैं।
हिंदी की 10 सबसे प्रभावशाली किताबें (Top 10 Hindi Books To Read)
आज हम उन 10 कालजयी हिंदी किताबों की बात करेंगे, जिन्होंने न केवल इतिहास रचा बल्कि आज भी पाठकों की पहली पसंद बनी हुई हैं। चलिए, किताबों के इस दिलचस्प सफर को शुरू करते हैं।
1. गोदान
- लेखक: मुंशी प्रेमचंद (कलम के सिपाही)
- प्रकाशक: राजकमल प्रकाशन / सरस्वती प्रेस
- सारांश: यह एक गरीब किसान होरी और उसके एक गाय पालने के सपने की कहानी है। यह समाज के भ्रष्टाचार और किसानों के संघर्ष का आईना है।
- रिव्यू: इसे हिंदी का सबसे बेहतरीन उपन्यास माना जाता है। यह आपको हंसाएगा भी और रुलाएगा भी।
- क्रेजी फैक्ट: प्रेमचंद का असली नाम धनपत राय था। उन्होंने यह किताब सन् 1936 में लिखी थी और इसे भारतीय ग्रामीण जीवन का महाकाव्य कहा जाता है।
2. मधुशाला
- लेखक: डॉ. हरिवंश राय बच्चन
- प्रकाशक: हिन्द पॉकेट बुक्स
- सारांश: यह कोई शराब की तारीफ नहीं है, बल्कि जीवन को जीने का एक नजरिया है। इसमें 135 रुबाइयां (कविताएं) हैं।
- रिव्यू: इसकी हर लाइन में एक गहरी सीख छिपी है। इसे पढ़ते समय आप खुद को एक अलग ही सुकून में पाएंगे।
- क्रेजी फैक्ट: अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंश राय जी ने जब इसे पहली बार मंच पर पढ़ा था, तो लोग झूमने लगे थे। इसके हर पद के अंत में मधुशाला शब्द आता है।
3. गुनाहों का देवता
- लेखक: धर्मवीर भारती
- प्रकाशक: भारतीय ज्ञानपीठ
- सारांश: यह चंदर और सुधा की एक भावुक प्रेम कहानी है। इसमें प्यार, त्याग और समाज की बंदिशों को बखूबी दिखाया गया है।
- रिव्यू: अगर आप रोमांटिक किताबें पसंद करते हैं, तो यह आपके लिए बहुत ज़रूरी है।
- क्रेजी फैक्ट: इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के बैकड्रॉप पर लिखी यह किताब आज भी युवाओं के बीच सबसे ज्यादा बिकने वाले उपन्यासों में से एक है।
4. रश्मिरथी
- लेखक: रामधारी सिंह दिनकर
- प्रकाशक: लोकभारती प्रकाशन
- सारांश: यह महाभारत के पात्र कर्ण के जीवन पर आधारित एक ओजपूर्ण काव्य है।
- रिव्यू: कर्ण के संघर्ष को जिस तरह दिनकर जी ने शब्दों में पिरोया है, वह रोंगटे खड़े कर देता है।
- क्रेजी फैक्ट: दिनकर को राष्ट्रकवि कहा जाता है। इस किताब का कृष्ण की चेतावनी वाला हिस्सा आज भी नेताओं और वक्ताओं का पसंदीदा है।
5. मैला आँचल
- लेखक: फणीश्वर नाथ रेणु
- प्रकाशक: राजकमल प्रकाशन
- सारांश: यह पूर्णिया (बिहार) के एक गाँव की कहानी है। इसमें वहाँ की राजनीति, गरीबी और लोक संस्कृति का चित्रण है।
- रिव्यू: आंचलिक उपन्यास की श्रेणी में इससे बेहतर कुछ नहीं है।
- क्रेजी फैक्ट: यह हिंदी का पहला महत्त्वपूर्ण आंचलिक उपन्यास माना जाता है, जिसने साहित्य की दिशा ही बदल दी।
6. यामा
- लेखक: महादेवी वर्मा
- प्रकाशक: लोकभारती
- सारांश: यह उनकी बेहतरीन कविताओं का एक संकलन है, जो प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं को दर्शाती है।
- रिव्यू: महादेवी जी को आधुनिक मीरा कहा जाता है और उनकी कविताएँ सच में रूहानी अहसास देती हैं।
- क्रेजी फैक्ट: इस किताब के लिए महादेवी वर्मा को साहित्य का सबसे बड़ा सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला था।
7. राग दरबारी
- लेखक: श्रीलाल शुक्ल
- प्रकाशक: राजकमल प्रकाशन
- सारांश: यह भारतीय व्यवस्था और राजनीति पर एक तीखा कटाक्ष है।
- रिव्यू: अगर आप व्यवस्था पर हंसना चाहते हैं और उसकी खामियों को समझना चाहते हैं, तो इसे जरूर पढ़ें।
- क्रेजी फैक्ट: यह उपन्यास शिवपालगंज नाम के एक काल्पनिक गाँव की कहानी कहता है, जो आज भी भारत के हर कोने की हकीकत लगता है।
8. चंद्रकांता
- लेखक: देवकी नंदन खत्री
- प्रकाशक: लहर प्रकाशन
- सारांश: यह एक तिलिस्मी और ऐयारी (जादू और रहस्य) से भरपूर प्रेम कहानी है।
- रिव्यू: यह आपको कल्पनाओं की एक अनोखी दुनिया में ले जाती है।
- क्रेजी फैक्ट: कहते हैं कि इस किताब को पढ़ने के लिए हज़ारों गैर-हिंदी भाषी लोगों ने हिंदी सीखी थी।
9. तमस
- लेखक: भीष्म साहनी
- प्रकाशक: राजकमल प्रकाशन
- सारांश: यह विभाजन के समय हुए दंगों और मानवीय क्रूरता की दर्दनाक कहानी है।
- रिव्यू: यह किताब पढ़ना आसान नहीं है क्योंकि यह सच का कड़वा आइना दिखाती है।
- क्रेजी फैक्ट: इस पर एक बहुत प्रसिद्ध टीवी फिल्म भी बनी थी जिसे गोविंद निहलानी ने निर्देशित किया था।
10. आपका बंटी
- लेखक: मन्नू भंडारी
- प्रकाशक: राधाकृष्ण प्रकाशन
- सारांश: यह तलाकशुदा माता-पिता के बीच पिस रहे एक छोटे बच्चे बंटी के मनोविज्ञान की कहानी है।
- रिव्यू: यह दिल को झकझोर देने वाली किताब है जो बच्चों के नजरिए से दुनिया को दिखाती है।
- क्रेजी फैक्ट: मन्नू भंडारी ने इसे इतनी बारीकी से लिखा है कि पढ़ते समय आपको महसूस होगा कि आप खुद उस बच्चे का दर्द जी रहे हैं।
निष्कर्ष
हिंदी साहित्य की ये 10 किताबें केवल पन्ने और शब्द नहीं हैं, बल्कि ये हमारे समाज, संस्कृति और मानवीय भावनाओं का जीवंत दस्तावेज़ हैं। जहाँ गोदान हमें जड़ों से जोड़ती है, वहीं मधुशाला जीवन के फलसफे सिखाती है।
इन किताबों को पढ़ना खुद को बेहतर तरीके से समझने जैसा है। चाहे आप प्रेम की गहराई ढूंढ रहे हों या व्यवस्था पर तीखा कटाक्ष, यह सूची हर पाठक की पसंद को पूरा करती है।
डिजिटल युग में भी इन कालजयी रचनाओं की प्रासंगिकता कम नहीं हुई है। तो देर किस बात की? अपनी पसंद की एक किताब उठाएं और साहित्य के इस सुनहरे सफर पर निकल पड़ें।
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FAQs
1. हिंदी साहित्य की शुरुआत करने के लिए सबसे अच्छी किताब कौन सी है?
उत्तर- यदि आप शुरुआत कर रहे हैं, तो मुंशी प्रेमचंद की गोदान या धर्मवीर भारती की गुनाहों का देवता सबसे बेहतरीन विकल्प हैं।
2. क्या ये सभी किताबें ऑनलाइन या ई-बुक फॉर्मेट में उपलब्ध हैं?
उत्तर- हाँ, ये सभी कालजयी रचनाएँ अमेज़न (Kindle), गूगल बुक्स और राजकमल प्रकाशन जैसे प्रकाशकों की वेबसाइट पर ई-बुक और ऑडियो बुक के रूप में आसानी से उपलब्ध हैं।
3. क्या इन किताबों पर आधारित कोई फिल्में या वेब सीरीज बनी हैं?
उत्तर- बिल्कुल! गोदान और तमस पर बेहद प्रभावशाली फिल्में और टीवी शो बन चुके हैं। इसके अलावा, चंद्रकांता पर बना धारावाहिक भारतीय टेलीविजन इतिहास के सबसे लोकप्रिय शोज में से एक रहा है।
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