O Romeo Review: इश्क नहीं, बारूद से लिखी गई एक दास्तां
O Romeo Movie Review in Hindi: शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की जोड़ी जब भी साथ आती है, तो पर्दे पर कुछ न कुछ धमाका ही होता है। अब इस साल वेलेंटाइन डे के मौके पर रिलीज़ हुई फिल्म ‘ओ रोमियो’ (O Romeo) भी इसी सिलसिले की एक कड़ी है।
यह फिल्म सिर्फ गुलाब और चॉकलेट वाली प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि यह खून और बारूद से लिखी गई एक ऐसी दास्तां है जो आपको लास्ट तक कुर्सी से बांधे रखती है। नीचे इस फिल्म का एक छोटा सा रिव्यू दिया गया है जो आपको बताएगा कि क्या यह फिल्म आपके वीकेंड का हिस्सा बननी चाहिए या नहीं।
प्यार में बदला और अंडरवर्ल्ड का तड़का
कहानी की शुरुआत हमें 80 के दशक के मुंबई की गलियों में ले जाती है। यहाँ हम मिलते हैं हुसैन उस्तरा (शाहिद कपूर) से, जो एक ऐसा खतरनाक गैंगस्टर है जिसका नाम ही दहशत का दूसरा नाम है।
वहीं दूसरी तरफ अफशां उर्फ सपना दीदी (तृप्ति डिमरी) है, जिसकी आंखों में प्यार नहीं बल्कि अपने पति की मौत का बदला लेने की आग है। वह दाऊद इब्राहिम जैसे बड़े डॉन को खत्म करना चाहती है और इसके लिए वह उस्तरा का सहारा लेती है।
फिल्म का पहला हिस्सा बहुत ही बेहतर तरीके से किरदारों को गढ़ता है। यहाँ विशाल भारद्वाज ने अपने सिग्नेचर स्टाइल यानी धीमी रफ्तार लेकिन गहरे सस्पेंस का बखूबी इस्तेमाल किया है। जहां एक तरफ इश्क परवान चढ़ता है, वहीं दूसरी तरफ अंडरवर्ल्ड की खूनी साजिशें अपना जाल बुनती हैं।
फिल्म की परफॉरमेंस और निर्देशन
फिल्म के एक्टर्स ने इसमें अपनी जान फूंक दी है-
- शाहिद कपूर: कबीर सिंह के बाद शाहिद एक बार फिर अपने बेहद इंटेंस अवतार में हैं। उस्तरा के रोल में उनकी खामोशी और उनका गुस्सा दोनों ही डराने वाले हैं।
- तृप्ति डिमरी: तृप्ति ने साबित कर दिया है कि वे केवल ग्लैमरस रोल के लिए नहीं बनीं। सपना के किरदार में उनकी मासूमियत और बदले की भावना का तालमेल जबरदस्त है।
- नाना पाटेकर और अन्य: नाना पाटेकर का स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म को एक अलग मजबूती देता है। अविनाश तिवारी और विक्रांत मैसी ने भी अपने छोटे लेकिन अहम किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है।
एडिटिंग और म्यूज़िक
विशाल भारद्वाज की फिल्म हो और संगीत की बात न हो, ऐसा मुमकिन नहीं है। फिल्म के गाने कहानी के माहौल को और भी गहरा बनाते हैं। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी शानदार है, खासकर स्पेन में शूट हुए क्लाइमेक्स सीन्स और 80 के दशक की मुंबई के विजुअल्स आपको उस दौर में ले जाते हैं।
क्या फिल्म में कुछ कमियां हैं?
फिल्म की लंबाई लगभग 3 घंटे (178 मिनट) की है, जो कुछ दर्शकों को थोड़ी अखर सकती है। इंटरवल के बाद कुछ जगह कहानी थोड़ी खिंची हुई लगती है, लेकिन क्लाइमेक्स का जबरदस्त एक्शन उन कमियों को ढंक लेता है।
फिल्म से जुड़े कुछ जरूरी तथ्य
| निर्देशक | विशाल भारद्वाज |
| मुख्य कलाकार | शाहिद कपूर, तृप्ति डिमरी, नाना पाटेकर, अविनाश तिवारी |
| रिलीज़ डेट | 13 फरवरी 2026 |
| सेंसर सर्टिफिकेट | A |
| आधारित | हूसैन जैदी की किताब माफिया क्वींस ऑफ मुंबई पर |
ओ रोमियो फिल्म देखें या नहीं?
अगर आप विशाल भारद्वाज की फिल्मों के फैन हैं और आपको डार्क, वायलेंट और इंटेंस फिल्में पसंद हैं, तो ओ रोमियो आपके लिए एक मास्टरपीस साबित हो सकती है। यह सिर्फ एक लव स्टोरी नहीं, बल्कि जुनून और बदले का एक हाई-वोल्टेज ड्रामा है।
रेटिंग: 4/5 स्टार
आप इस वीकेंड उस्तरा और सपना की इस खूनी प्रेम कहानी को बड़े पर्दे पर अपने दोस्तों या पार्टनर के साथ देखने का प्लान बना सकते हैं।
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FAQs
1. फिल्म ओ रोमियो किस सच्ची कहानी पर आधारित है?
उत्तर- यह फिल्म लेखक एस. हुसैन जैदी की मशहूर किताब माफिया क्वींस ऑफ मुंबई के कुछ अध्यायों और वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है।
2. क्या ओ रोमियो एक पारिवारिक फिल्म है?
उत्तर- नहीं, फिल्म को इसकी हिंसा और डार्क थीम के कारण A सर्टिफिकेट मिला है, इसलिए यह बच्चों के लिए ठीक नहीं है।
3. फिल्म में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी के किरदारों के नाम क्या हैं?
उत्तर- फिल्म में शाहिद कपूर ने हुसैन उस्तरा और तृप्ति डिमरी ने सपना दीदी (अफशां) का मुख्य किरदार निभाया है।
4. क्या विशाल भारद्वाज ने इस फिल्म का संगीत भी दिया है?
उत्तर- हाँ, विशाल भारद्वाज ने न केवल इस फिल्म का निर्देशन किया है, बल्कि हमेशा की तरह इसका संगीत भी खुद ही तैयार किया है।
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