ऑपरेशन सिंदूर पर ट्रंप का दावा : मैंने बचाई 3.5 करोड़ पाकिस्तानियों की जान!

Trump Claims on Operation Sindoor Update in Hindi : एक बार फिर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक ऐसा विवादित बयान दिया है, जिसनें पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। ख़बरों के अनुसार, 25 फरवरी 2026 को अपने 'स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण के दौरान ट्रंप ने यह विवादित बयान दिया है।
Trump Claims on Operation Sindoor Update in Hindi
ट्रम्प ने अपने इस भाषण में कहा है कि अगर वो न होते तो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 35 मिलियन लोग मारे जाते। आज हम अपने इस लेख में विस्तारपूर्वक बताने की कोशिश करेंगे, आखिर क्यों अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा इस प्रकार के विवादित बयान दिया गया है?
क्या था 'ऑपरेशन सिंदूर' जिसने बदल दी स्थिति?
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर, भारत और पाकिस्तान के बीच साल 2025 में हुए चार-दिवसीय सैन्य संघर्ष का एक कोड-नेम था। भारत के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद, इस मिशन की शुरुआत की गई थी ताकि भारत की सीमा पार स्थित आतंकवादी ठिकानों को जड़ से खत्म किया जा सके।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दोनों देशों में तनाव इतना अधिक बढ़ गया था कि पूरी दुनिया एक महायुद्ध की आशंका से कांप रही थी।
ट्रंप के संबोधन की 4 बड़ी बातें
अपने संबोधन में ट्रंप ने खुद को एक 'पीसमेकर' के रूप में पेश किया। उनके भाषण के मुख्य अंश इस प्रकार रहे जैसे कि :-
- हस्तक्षेप का दावा: डोनाल्ड ट्रम्प का कहना है कि राष्ट्रपति पद पर लौटने के शुरुआती 10 महीनों में उन्होंने दुनिया भर में कुल आठ संभावित युद्धों को रोकने में अहम योगदान दिया है।
- 35 मिलियन मौतों का आंकड़ा: ट्रम्प ने यह भी कहा है कि यदि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वह बीच में न आते तो, इसमें पाकिस्तान के करीबन 35 मिलियन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ जाती।
- शहबाज़ शरीफ का डर: डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने बयान में यह भी कहा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर की वजह से उनकी जान को भी खतरा हो गया है।
- कूटनीतिक दबाव: बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह बात साफतौर पर कही है कि केवल अमेरिकी कूटनीति और उनके व्यक्तिगत हस्तक्षेप के कारण ही दोनों देश बातचीत की मेज पर आए।
भारत और पाकिस्तान की तीखी प्रतिक्रिया
जैसाकि आपको पता है कि भारत ने हमेशा की तरह अपनी संप्रभुता पर स्पष्ट रुख रखा है। इतना ही नहीं, भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा इस बात को कई बार कहा गया है कि अमेरिका या किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई आवश्यकता नहीं है।
इस सब बातों को लेकर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि 2025 का युद्धविराम भारतीय और पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संवाद का नतीजा था, न कि किसी बाहरी दबाव का।
डोनाल्ड ट्रम्प के बयान पर पकिस्तान की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रिया देखनें को मिल थी है। पाकिस्तान सरकार के कुछ करीबी लोगों का यह मानना है कि डोनाल्ड ट्रम्प का इस प्रकार का विवादित बयान अमेरिकी सरकार कूटनीति का एक अहम हिस्सा हो सकता है, वहीं विपक्षी दल और सोशल मीडिया पर लोग इसे शहबाज़ शरीफ के लिए 'अपमानजनक' मान रहे हैं।
राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय मायने
विश्व के कई राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने इस बयान के माध्यम से यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि आज भी दुनिया के बड़े संकटों को सुलझाने के लिए 'वाशिंगटन' और 'ट्रंप कार्ड' की ज़रूरत पड़ती है।
ट्रंप अक्सर अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के लिए जाने जाते हैं। 3.5 करोड़ लोगों की मौत का दावा सैन्य दृष्टि से काफी बड़ा और चौंकाने वाला लगता है।
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निष्कर्ष
आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप का यह नया दावा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई 'बयानबाजी की जंग' छेड़ चुका है। क्या वास्तव में दुनिया एक बड़े परमाणु युद्ध के मुहाने पर थी जिसे ट्रंप ने रोक लिया? या यह सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट है?
FAQs –
प्रश्न : डोनाल्ड ट्रंप ने 35 मिलियन मौतों को लेकर क्या दावा किया?
उत्तर : उनका दावा है कि यदि वह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीच में नही आते, तो 35 मिलियन लोगों को अपनी जान गवानी पड़ जाती।
प्रश्न : 'ऑपरेशन सिंदूर' क्या था जिसका जिक्र ट्रंप ने किया?
उत्तर : यह 2025 में भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई एक सैन्य कार्रवाई का कोड-नेम था।




