भारत दौरे पर फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, AI शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा
Emmanuel Macron India Visit 2026: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तीन दिनों के आधिकारिक दौरे पर भारत आए हैं। वे 16 से 19 फरवरी 2026 तक भारत में रहेंगे। आपको बता दें कि उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य India AI Impact Summit 2026 में भाग लेना, भारत और फ्रांस के बीच साझेदारी को और मजबूद करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय बातचीत करना है।
राष्ट्रपति मैक्रों और उनकी पत्नी सोमवार रात को मुंबई पहुँच गए हैं। वहाँ उनका स्वागत महाराष्ट्र के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी खुद मुंबई पहुँचकर उनका औपचारिक स्वागत करेंगे। दोनों देश के नेताओं के बीच वैश्विक और तकनीकी सहयोग जैसे बड़े मामलों पर बातचीत होगी।
मुंबई में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात
राष्ट्रपति मैक्रों ने अपने दौरे की शुरुआत मुंबई से की। यहाँ उनकी मुलाकात भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस बैठक में रक्षा, व्यापार, जलवायु परिवर्तन, अंतरिक्ष, शिक्षा और नई तकनीक जैसे कई महत्त्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति भी बन सकती है। भारत और फ्रांस कई वर्षों से रणनीतिक साझेदार हैं। रक्षा क्षेत्र में राफेल लड़ाकू विमान सौदा, समुद्री सुरक्षा सहयोग और संयुक्त सैन्य अभ्यास पहले से ही इस रिश्ते को मजबूत बनाते रहे हैं। अब दोनों देश तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी नए अवसर तलाश रहे हैं।
AI इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में भागीदारी
राष्ट्रपति मैक्रों नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। यह सम्मेलन भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ और बड़ी कंपनियों के प्रमुख भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन का उद्देश्य एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग पर चर्चा करना है। इसमें यह भी विचार किया जा रहा है कि एआई का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग जैसे क्षेत्रों में कैसे बेहतर तरीके से किया जा सकता है। भारत इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार एआई को आम लोगों तक पहुँचाने की दिशा में काम कर रही है।
भारत-फ्रांस संबंधों को नई दिशा
भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं। दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई मुद्दों पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। इस यात्रा के दौरान कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई और डिजिटल तकनीक में सहयोग से दोनों देशों के युवाओं और स्टार्टअप कंपनियों को बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाई जाएगी।
वैश्विक मंच पर साझा संदेश
नई दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन केवल तकनीकी चर्चा तक सीमित नहीं है। यह दुनिया को एक संदेश भी देता है कि नई तकनीक का उपयोग मानवता के हित में होना चाहिए। राष्ट्रपति मैक्रों और प्रधानमंत्री मोदी दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि एआई का विकास जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ होना चाहिए।
इस दौरे के माध्यम से यह साफ हो गया है कि दोनों देश भविष्य की चुनौतियों का सामना मिलकर करना चाहते हैं। रक्षा से लेकर डिजिटल तकनीक तक, हर क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।
क्यों अहम है मैक्रों की भारत यात्रा?
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की यह भारत यात्रा कई मायनों में अहम है। एक ओर यह एआई जैसे आधुनिक विषय पर वैश्विक चर्चा का हिस्सा है, तो दूसरी ओर यह भारत-फ्रांस की मजबूत दोस्ती का प्रतीक भी है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी मुलाकात और एआई शिखर सम्मेलन में भागीदारी से दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
देश और दुनिया की बड़ी खबर पढ़ने के लिए hindi.flypped.com से जुड़े रहें।
FAQs
1. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत किस उद्देश्य से आए हैं?
उत्तर- इमैनुएल मैक्रों भारत में AI इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में भाग लेने और द्विपक्षीय वार्ता के लिए आए हैं।
2. मैक्रों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में किन विषयों पर चर्चा होगी?
उत्तर- पीएम मोदी के साथ रक्षा, व्यापार, एआई, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
3. इंडिया AI इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर- इस सम्मेलन का उद्देश्य एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना है।
Click to read the full article