भारत और पाकिस्तान दोनों मिला ‘गाज़ा पीस बोर्ड’ में शामिल होने का आमंत्रण : क्या है पूरा मामला?
हाल ही में, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ द्वारा एक घोषणा की गई है, जिसमें उन्होंने बताया है कि उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा गाज़ा के लिए बनाए जा रहे “Board of Peace” (पीस बोर्ड) में शामिल होने के लिए औपचारिक आमंत्रण दिया गया है।
ख़बरों के अनुसार, पाकिस्तान को मिले इस आमंत्रण को अंतरराष्ट्रीय पहल के हिस्सा बताया जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गाज़ा में स्थायी शांति, सुरक्षा और पुनर्निर्माण के लिए प्रस्तावित किया गया है। इतना ही नहीं, अमेरिका की सरकार ने इस फैसले को अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों में योगदान का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया है।
क्या है गाज़ा पीस बोर्ड?
क्या आपको पता है कि यह एक प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय मंच है। इस मंच का उधेश्य गाजा में शांति बहाली, सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की स्थिर व्यवस्था को लेकर देशों एक साथ लाने के लिए गया है। ख़बरों के अनुसार, अमेरिका द्वारा की गई इस पहल गाजा में संघर्ष समाप्त करने से जुड़ी व्यापक योजना का हिस्सा कहा जा रहा है। इस मंच पर दुनियाभर के सभी देशों और संस्थाओं को शामिल किया जाता है। फिलहाल इसके ढाँचे को लेकर किसी भी प्रकार की अधिकारिक पुष्टि नही की गई है।
पाकिस्तान ने क्या कहा?
गाज़ा के लिए बनाए जा रहे “Board of Peace” (पीस बोर्ड) के लिए पकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा कहा गया है कि पाकिस्तान गाजा में शांति और सुरक्षा के लिए किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में अपना योगदान देना चाहता है। साथ ही साथ पकिस्तान इस बात को भी कहा है कि वह फिलिस्तीन मुद्दे का स्थायी और न्यायपूर्ण समाधान चाहता है।
पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान पारंपरिक रूप से फिलिस्तीन के पक्ष का समर्थन करता रहा है, इसी बात को ध्यान में रखते हुए कई राजनीतिक विशेषज्ञों द्वारा कहा जा रहा है कि पाकिस्तान द्वारा अमेरिका को निमंत्रण देना उसकी कूटनीतिक भूमिका के तौर पर भी देखा जा रहा है।
पाकिस्तान को क्यों बुलाया गया?
आमंत्रण मिलने के बाद, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा पुष्टि की गई है कि राष्ट्रपति ट्रम्प की ओर से भेजा गया निमंत्रण शाहबाज़ शरीफ तक पहुंच गया है। साथ ही पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंदराबी ने कहा कि पाकिस्तान गाज़ा में शांति और सुरक्षा लाने वाली वैश्विक पहलों में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
पीएम मोदी को भी मिला आमंत्रण
पाकिस्तान के साथ ही साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी गाज़ा पीस बोर्ड में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। गाजा पीस बोर्ड को लेकर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोरे का कहना है कि यह आमंत्रण ट्रंप की शांति योजना के तहत दिया गया है और इसका लक्ष्य है गाज़ा में स्थायी शांति, स्थिरता और बेहतर प्रशासन को सुनिश्चित करना है।

वैश्विक संदर्भ और उद्देश्य
जैसाकि आपको पता है कि गाज़ा के आम नागरिकों को काफी लंबे समय से हिंसा, मानवीय संकट और राजनैतिक अस्थिरता का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, वर्ष 2025 के संघर्ष के बाद भी गाजा में तनाव और गंभीर स्थिति बनी हुई है।
ऐसी परिस्थितियों में यह बोर्ड एक बहुपक्षीय मंच के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें शामिल देशों के प्रतिनिधि गाज़ा को स्थिरता और विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए विचार विमर्श किया जाएगा।
ट्रम्प का यह कदम किस प्रकार का विवाद पैदा कर सकता है
कुछ कारणों से आपको विवाद देखनें को मिल सकता है। सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि "पीस बोर्ड" में शामिल किए जाने वाले देशों की क्या भूमिका होगी? क्या इस बोर्ड शामिल देश सलाह देंगे या फिर कोई निर्णय भी ले सकते हैं? इन सबके अलावा, कई देशों में इस बात को लेकर असहमति है कि गाजा की “post-war governance” यानी युद्ध के बाद गाजा को कैसे चलाया जाए?
FAQs –
Q. गाज़ा पीस बोर्ड क्या है?
A. यह एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसका उद्देश्य गाज़ा में स्थायी शांति, सुरक्षा और पुनर्निर्माण को बढ़ावा देना है।
Q. इस गाज़ा पीस बोर्ड की पहल किसने की है?
A. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस बोर्ड की पहल की गई है
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