भारत में लोग जल्दी खरीदते क्यों हैं? ये 5 Psychology Marketing Tricks हैं वजह!
Top 5 Psychology Marketing Techniques in India:- अगर आप एक बिजनेसमैन है या फिर आप नए बिजनेस की शुरुआत करना चाहते है तो आपको अपने बिजनेस को सफल बनाने के लिए बेहतर मार्केटिंग की ज़रुरत होती है। साथ ही आपको इस बात का पता होना भी ज़रूरी है कि मार्केटिंग की दुनिया में मनोविज्ञान (Psychology) का कितना महत्वपूर्ण स्थान होता है।
Top 5 Psychology Marketing Techniques in India
मनोविज्ञान भारत जैसे देश में और भी अधिक खास हो जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि, आपको भारत जैसे विविधता से भरे देश में आपको विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमियों वाले लोग देखनें को मिलता हैं।
आपको पता होना चाहिए कि भारतीय बाजार में सफलता पाने के लिए सिर्फ अच्छा उत्पाद या सेवा होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके लिए ग्राहकों के मनोविज्ञान को समझना और उनके निर्णयों को प्रभावित करने के लिए प्रभावी मार्केटिंग तकनीकों का इस्तेमाल करना बहुत ज़रूरी है।
1. Scarcity Effect (अल्पता प्रभाव)
बहुत कम लोग जानते है कि Scarcity Effect या अल्पता प्रभाव एक प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक तकनीक है, जिसमें आप किसी वस्तु या सेवा की उपलब्धता को सीमित कर सकते है, ताकि ग्राहकों को आपके प्रोडक्ट्स यह विश्वास हो कि यदि उन्होंने तुरंत खरीदारी नहीं की, तो वह अवसर फिर से नहीं मिलेगा।
आपने बहुत बार ऑनलाइन या ऑफलाइन देखा होगा कि किसी प्रोडक्ट पर आपको लिमिटेड टाइम के लिए छुट दी जाती है। यह तकनीक भारतीय बाज़ार में अत्यधिक प्रभावी साबित हुई है।
कैसे काम करती है यह तकनीक –
आपको इस तकनीक में प्रोडक्ट को "Limited Edition", "Flash Sale" या "Only 2 Left" जैसे ऑफर्स अधिक देखनें को मिलते हैं। जिससे ग्राहक उस प्रोडक्ट को खरीदने के लिए उत्साहित हो जाते हैं। वह सोचते है कि जो समान उन्हें 100 रूपये में मिल रहा था अगर वो इस सीमित समय में प्रोडक्ट खरीदते है तो उन्हें वोही समान 80 या उससे भी कम में मिल सकता है। इसलिए अधिकतर ग्राहक उस प्रोडक्ट को तुरंत खरीद लेते हैं। भारतीय मार्किट में इस प्रकार की तकनीक बहुत अधिक प्रचलित होती हैं।
2. Social Proof (सामाजिक प्रमाण)
Social Proof या सामाजिक प्रमाण का अर्थ होता है कि जब आप किसी व्यक्ति को किसी प्रोडक्ट या सेवा का उपयोग करते हुए देखते है तो आपका उस प्रोडक्ट के प्रति भरोसा बढ़ जाता है। आप उस प्रोडक्ट को ख़रीदने में सहज महसूस करते हैं।
हर बिजनेसमैन को मनोविज्ञान के इस नियम के बारें में पता होना चाहिए कि एक आम नागरिक उस प्रोडक्ट पर अधिक विश्वास करता है, जिसे कई लोगों द्वारा उपयोग किया गया हो।
कैसे काम करती है यह तकनीक –
आपको ज्यादातर इस तकनीक का उपयोग प्रशंसा, समीक्षाएँ, रेटिंग्स और ग्राहक टिप्पणियाँ दिखाने के रूप में देखनें को मिलेगा। भारत जैसे देश में अधिकतर लोग अन्य लोगों के अनुभवों के अनुसार ही किसी प्रोडक्ट को खरीदते हैं।
3. Anchoring Effect (एंकरिंग प्रभाव)
जब आप Top 5 Psychology Marketing Techniques की बात करेंगे तो आपको Anchoring Effect तकनीक के बारें में अवश्य देखनें को मिलेगा। क्या आपको पता है कि किसी उत्पाद की मूल्य निर्धारण प्रक्रिया में एक संदर्भ बिंदु (Anchor) का उपयोग किया जाता है।
साथ ही यह प्रभाव इस बात पर आधारित होता है कि यदि किसी भी प्रोडक्ट्स की कीमत को पहले से निर्धारित किया गया होता है तो अधिकतर ग्राहकों द्वारा उस प्रोडक्ट की वास्तविक कीमत के बारे में अपनी धारणा बना लेते हैं।
कैसे काम करती है यह तकनीक –
आपको बाजार में अक्सर देखनें को मिलता है कि ग्राहकों को पहले से ही महंगे प्रोडक्ट को दिखाया जाता है, फिर आपको उससे कम कीमत के प्रोडक्ट को दिखाया जाता है। जिसके बाद ग्राहकों को वह प्रोडक्ट अधिक सस्ता लगता है, जिसे वह ख़रीदने के लिए तैयार हो जाता है।
4. Reciprocity Principle (आपसी मैत्रीपूर्णता का सिद्धांत)
इस तकनीक का मुख्य उधेश्य होता है कि जब किसी व्यक्ति को कुछ दिया जाता है, तो वह व्यक्ति सामान्यतः बदले में कुछ देने की इच्छा रखता है। इस प्रकार की तकनीक में भारत में बहुत अधिक देखनें को मिलती हैं।
भारतीय समाज में उपहार देने और लेने का रिवाज बहुत अधिक महत्वपूर्ण होता है। इसलिए इस तकनीक को भी Top 5 Psychology Marketing Techniques में शामिल किया गया है।
कैसे काम करती है यह तकनीक –
आपने बहुत बार देखा होगा कि किसी भी विभिन्न प्रकार की ब्रांड्स अपने प्रोडक्ट को बेचने से पहले अपने ग्राहकों को फ्री ट्रायल्स, गिफ्ट्स, डिस्काउंट्स, या एक्सक्लूसिव ऑफर्स देती है।
अब आज के समय में अगर किसी व्यक्ति को फ्री ट्रायल्स, गिफ्ट्स, डिस्काउंट्स मिल जाए तो कोई व्यक्ति क्यों उस प्रोडक्ट को नहीं खरीदेगा। ऐसे ऑफर्स के चलते ग्राहक किसी भी प्रोडक्ट को ख़रीदने के लिए हमेशा तैयार रहता है।

5. Fear of Missing Out (FOMO)
Top 5 Psychology Marketing Techniques में जिस आखिरी तकनीक की बात कर रह है उसका नाम Fear of Missing Out (FOMO) है इस तकनीक में ग्राहकों को यह लगता है कि यदि उसके द्वारा किसी विशेष अवसर में प्रोडक्ट नहीं खरीदता है तो वह पीछे रहे जाएगा। इस प्रकार की तकनीक भारतीय बाजारों में अधिक प्रभावी होती हैं। भारत में अधिकतर लोग ट्रेंड्स और समूह का हिस्सा बनाना अधिक पसंद करते हैं।
कैसे काम करती है यह तकनीक –
आपको इस तकनीक में "Limited Time Offers", "Limited Stock", और "Flash Sales" जैसी रणनीतियाँ देखनें को मिलती हैं, जो अपने ग्राहकों का ध्यान केन्द्रित करने के लिए की अधिक प्रभावी होती हैं। ऐसे में ग्राहक को लगता है कि यदि उन्होंने इस सीमित समय में उस प्रोडक्ट को नहीं ख़रीदा तो वह उस प्रोडक्ट पर मिलने वाले लाभ से वंचित रह जाएंगे।
FAQs –
Q. Psychology Marketing क्या होता है?
A. ग्राहक के दिमाग और व्यवहार को समझकर मार्केटिंग करना ही Psychology Marketing कहलाता है।
Q. भारत में Psychology Marketing क्यों ज्यादा असर करती है?
A. भारत में खरीदारी कई बार भावनाओं, परिवार की राय, ट्रेंड्स और भरोसे पर होती है, इसलिए आपको भारत में अधिक Psychology Marketing का असर देखनें को मिलता है।
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