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Intermittent Fasting Meaning In Hindi: वजन घटाने और स्वस्थ्य रहने का आसान तरीका

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Intermittent Fasting Meaning In Hindi: वजन घटाने और स्वस्थ्य रहने का आसान तरीका

आजकल भागदौड़ भरी लाइफ और खराब खान-पान की वजह से वजन बढ़ना एक आम समस्या के रूप में उभर कर सामने आई है। ऐसे में आफ इसे कम करने के आसान उपाय से लेकर कठिन उपाय अवश्य ढूंढते होंगे। इतना ही नहीं आप इसे कम करने के लिए कीटो, लो-कार्ब और कई तरह की डाइट्स भी फॉलो करते होंगे। लेकिन आजकल दुनियाभर में इंटरमिटेंट फास्टिंग (intermittent fasting meaning in hindi) ज्यादा चर्चा में है।

लोग इसे वजन कम करने का जरिया मानते हैं, लेकिन सच तो यह है कि यह कोई डाइट प्लान नहीं है, बल्कि खाने-पीने का एक अनुशासित तरीका है। यह आपको यह नहीं बताता है कि क्या खाना है, बल्कि यह आपको सिखाता है कि कब खाना है। आज के अपने इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि intermittent fasting kya hai? इसमें आपको इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे, मील से लेकर फूड प्लान के बारे में सारी जानकारी दी जाएगी। आइए जानते हैं।

क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग? (Intermittent Fasting Kya Hai)

आसान शब्दों में समझें तो, intermittent fasting यानी एक नियमित अंतराल में की गई फूड प्रैक्टिस है। जब आप लंबे समय तक कुछ नहीं खाते हैं, तो शरीर ऊर्जा के लिए सेव फैट का इस्तेमाल करने लगता है। यह प्रक्रिया वजन घटाने की स्पीड को बढ़ाती है और आपको पूरे दिन ऊर्जावान महसूस होता है।

  • इंटरमिटेंट फास्टिंग का मतलब एक खास और लंबे समय तक किसी भी कैलोरी को ना लेना होता है। इसमें खाने पर नहीं, बल्कि खाने के समय पर फोकस किया जाता है। इसमें दिन के कछ घंटे या सप्ताह में कुछ दिन फास्टिंग करना शामिल है। अधिकाशं लोग इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना रहे हैं, क्योंकि इसमें आपको अपने पसंदीदा खाना को पूरी तरह से छोड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
  • इसमें बस आपको खाने के समय और फास्टिंग के समय के बीच सही से संतुलन करना होगा, जिससे आपकी बॉडी को डिटॉक्स होने का भी समय मिलता रहे। बता दें कि इंटरमिटेंट फास्टिंग से वजन को घटाने में मदद मिलती है, इंसुलिन सेंसेटिविटी मजबूत होती है और आपकी सेहत दुरुस्त रहती है।

जानें इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे (Intermittent Fasting Benefits in Hindi)

अगर आप intermittent fasting benefits के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह सिर्फ वजन कम करने तक सीमित नहीं है। यह आपके दिल को हेल्दी रखने और शरीर में आने वाली सूजन को कम करने में भी सहायक है। आइए इसके फायदों के बारे में समझ लेते हैं।

  • वजन कम करने में मददगार: यह शरीर के इंसुलिन लेवल को कम करता है, जिससे हमारे बॉडी में जमा हुई चर्बी आसानी से बर्न होने लगती है और वजन में कमी नजर आती है।
  • डायबिटीज में सहायक: इसके तहत रुक-रुक कर खाना-खाने और लंबे समय तक खाना से दूर रहने पर शरीर में इंसुलिन का लेवल कम होने लगता है। इससे शरीर में ब्लड शुगर के घटने-बढ़ने का खतरा कम हो जाता है। खासतौर पर डायबिटीज के मरीज के लिए ब्लड शुगर कंट्रोल रहना बहुत जरूरी माना जाता है।
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करना: इसकी वजह से शरीर में इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाने में मदद मिलती है। यह आपकी पुरानी बीमारियो को रोकने में मदद करती है, जिससे आपकी हेल्थ में भी सुधार आता है।
  • मानसिक स्थिति में सुधार: फास्टिंग करने से मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ती है और आप अधिक फोकस कर पाते हैं।
  • सूजन कम करने में हेल्पफुल: इसको फॉलो करने से शरीर में आई सूजन को कम किया जा सकता है, जिससे आपकी बॉडी फिट नजर आती है।

    इंटरमिटेंट फास्टिंग शेड्यूल

  • यह फास्टिंग कई तरीकों से की जाती है, जिसमें से कुछ नीचे दिए गए हैं।
  • 16/8 Intermittent Fasting: इसे सबसे पॉपुलर शेड्यूल में से एक माना जाता है। इसमें व्यक्ति 24 घंटे फास्ट रखता है और बाकी के बचे 8 घंटों में भोजन का सेवन करता है।
  • 5/2 Intermittent Fasting: इसे फास्ट डाइट कहा जाता है। इसमें सप्ताह में 5 दिन सामान्य रूप से भोजन करना है और बाकी के बचे 2 दिन लो कैलोरी वाला कम भोजन करना है।
  • Ulternet Intermittent Fasting: इंटरमिटेंट फास्टिंग का ये तरीका फास्ट और नॉन फास्टिंग दिनों के बीच होता है। इसमें व्यक्ति एक दिन छोड़कर एक दिन खाना खाता है। यानी की इसमें 24 घंटे का व्रत रखने के बाद अगले 24 घंटे भोजन किया जाता है।
  • Eat-Stop-Eat Intermittent Fasting: इस शेड्यूल में सप्ताह में एक या दो दिन फास्टिंग की जाती है। यह फास्टिंग पूरे 24 घंटे की होती है यानी पूरे एक दिन आपको कुछ भी नहीं खाना होता है। इसमें खाने से एक लंबा ब्रेक मिलता है, जिसकी वजह से कैलोरी इंटेक काफी हो जाता है।

यहां देखें 16/8 intermittent fasting 7 day meal plan

16/8 इंटरमिटेंट फास्टिंग का मतलब होता है कि आप दिन के 16 घंटे तक व्रत रखते हैं और बाकी 8 घंटों में खाना खाते हैं। उदाहरण के रूप में, यदि आप अपना पहला भोजन दोहपर 12:00 बजे खाते हैं, तो आपका आखिरी भोजन शाम 8:00 बजे तक खत्म होना चाहिए।

अगर आप 16/8 intermittent fasting 7 day meal plan बनाना चाहते हैं, तो हमारे पास आपके लिए एक डाइट चार्ट है। इसमें आप समय और दिन के हिसाब से डाइट फॉलो कर सकते हैं। इस intermittent fasting chart में वेजिटेरियन और नॉन-वेजिटेरियन दोनों के लिए ऑप्शन दिए गए हैं।

दिनपहला भोजन (दोपहर 12:00 - 1:00 बजे)शाम का स्नैक्स (4:00 - 4:30 बजे)आखिरी भोजन (रात 7:30 - 8:00 बजे)
सोमवार2 बेसन चीला (वेजिटेबल के साथ) + दहीमुट्ठी भर भुने मखाने + ग्रीन टीएक कटोरी दाल + एक चपाती + सलाद (अच्छी मात्रा में)
मंगलवारदलिया या ओट्स (विथ वेजिटेबल) + 5-6 बादामसेब या संतरा (एक-एक)पनीर (भुर्जी या ग्रिल्ड ) + सूप/सलाद
बुधवार2 उबले अंडे या पनीर सैंडविच + छाछमुट्ठी भर अखरोट + ब्लैक कॉफीसोया चंक्स करी + 1 चपाती + सलाद (खीरा)
गुरुवारमूंग दाल खिचड़ी + सलाद + दहीमूंग या चना स्प्राउट्सग्रिल्ड चिकन या तड़का दाल + उबली सब्जियां
शुक्रवारदो रोटी + राजमा या छोले + सलादएक कप नारियल पानी या फलएक छोटी बाजरा रोटी +मिक्स वेजिटेबल सूप
शनिवारपोहा या उपमा + दहीग्रीन टी (1 कप) + भुने हुए चनेउबली दाल + पनीर टिक्का + सलाद
रविवारमिस्सी रोटी + कोई भी सब्जी (मौसमी)+ रायताथोड़े से ड्राई फ्रूट्स या फलटमाटर या लौकी का सूप + थोड़ा सा पनीर  

 

Intermittent Fasting के दौरान ध्यान देने योग्य बातें

इस फास्टिंग के लिए कुछ जरूरी टिप्स हैं, इन पर ध्यान देना आवश्यक होता है।

  • अपने हर मील में प्रोटीन से भरपूर डाइट जैसे- दाल, अंडे, पनीर, सोया आदि भरपूर मात्रा में लें, जिससे आपकी मांसपेशियों को नुकसान न हो।
  • फास्टिंग के समय पानी का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें, क्योंकि यह भूख को दबाने में मदद करता है।
  • 8 घंटे का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप जंक फूड जैसे- पिज्जा, बर्गर का सेवन करें। इस फास्टिंग को करते समय घर का बना पौष्टिक खाना ही खाएं।
  • अगर आप 16 घंटे की फास्टिंग नहीं कर पा रहे हैं, तो पहले 12 या 14 घंटे से शुरुआत करें और धीरे-धीरे इसकी टाइमिंग को बढ़ाएं।

किसे इंटरमिटेंट फास्टिंग से बचने की आवश्यकता है?

वैसे तो यह फास्टिंग ज्यादातर सभी के लिए फायदेमंद है, लेकिन कुछ लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है या इसे पूरी तरह से नजरअंदाज करना चाहिए। इसमें गर्भवति महिलाएं, स्तनपान कराने वाली महिलाएं, डायबिटीज के मरीज और किडनी स्टोन से ग्रस्त पीड़ित शामिल हैं। ऐसे में किसी भी डाइट प्लान को फॉलो करने से पहले उसके बारे में संपूर्ण ज्ञान या फिर डॉक्टर की सलाह लेना बहुत आवश्यक होता है.

निष्कर्ष

Intermittent Fasting Meaning in Hindi को गहराई से समझने के बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि, यह स्वास्थ्य को सुधारने का एक उचित और वैज्ञानिक तरीका है। यह न केवल आपकी वजन घटाने में मदद करता है, बल्कि आपको अनुशासन भी सिखाता है। आज के समय में जहां हम लगातार कुछ न कुछ खाते रहते हैं, ऐसे में इंटरमिटेंट फास्टिंग बहुत जरूरी हो जाती है, क्योंकि यह हमारे पाचन तंत्र को जरूरी आराम प्रदान करती है। यह तरीका न केवल आपके शरीर के फैट को बर्न करने में मददगार है, बल्कि आपके मानसिक फोकस और ऊर्जा के स्तर को भी एक नई ऊंचाई पर ले जाता है।

हालांकि, इसे शुरू करने से पहले अपने शरीर की जरूरतों को समझना बहुत जरूरी है और एक बैलेंस intermittent fasting meal को फॉलो करना अनिवार्य है। किसी भी बड़े बदलाव के लिए निरंतरता और धैर्य की आवश्यकता होती है। शुरुआत में यह आपको थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन निरंतरता के साथ इसे आसानी से किया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

हां, इसमें आप बिना दूध और बिना चीनी की ब्लैक टी या ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं। दूध और चीनी वाली चाय पीने से आपकी फास्टिंग टूट जाएगी और शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ जाएगा, जिससे फैट बर्निंग प्रक्रिया रुक जाती है। इसलिए दूध और चीनी को नजरअंदाज करने का प्रयास करें।

अगर आप सही भोजन और हल्के व्यायाम का पालन करते हैं, तो आपको 2-4 हफ्तों के भीतर अपने वजन में कमी और शरीर की ऊर्जा में सकारात्मक बदलाव दिखने शुरू हो जाएंगे। क्योंकि हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है, किसी के लिए समय थोड़ा बढ़ भी सकता है।

शुरुआत के 3 से 4 दिनों में आपको हल्की थकान या सिर भारी जैसा महसूस हो सकता है, क्योंकि शरीर ग्लूकोज के बजाय फैट से ऊर्जा लेना सीख रहा होता है। ऐसे में आप पर्याप्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन करें, जिससे यह समस्या जल्दी दूर हो जाती है।

गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली महिलाएं, 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और वे लोग जिन्हें टाइप-1 डायबिटीज या ईटिंग डिसऑर्डर की समस्या है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना यह फास्टिंग शुरू नहीं करनी चाहिए।

ज्यादातर लोगों के लिए 16/8 का शेड्यूल अधिक फायदेमंद और सुविधाजनक है। इसमें रात का खाना जल्दी यानी की शाम 8 बजे तक खा लेना और अगले दिन दोपहर 12 बजे पहला मील लेना सबसे प्रभावशाली माना जाता है।

Disclaimer- इस ब्लॉग में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल आपको Intermittent Fasting के प्रति जागरूक और शिक्षित करना है। यह जानकारी किसी भी तरह से किसी डॉक्टर, स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह का विकल्प नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति की शरीर की बनावट, मेटाबॉलिज्म और स्वास्थ्य स्थिति अलग-अलग होती है। इसलिए, अपनी जीवनशैली या आहार में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। इस लेख में बताए गए नियमों का पालन करने से पहले अपनी शारीरिक स्थिति और सीमाओं को समझना आपकी जिम्मेदारी है।

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