ईरान-इजरायल युद्ध का असर, भारत में एलपीजी सिलेंडर को लेकर बढ़ी चिंता

LPG Gas Cylinder Crisis in India: पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-इजरायल संघर्ष का असर अब भारत की रसोई गैस पर भी मंडराने लगा है। हाल के दिनों में एलपीजी गैस सिलेंडर की स्पलाई को लेकर कई खबरें सामने आई हैं, जिससे लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या देश में गैस की कमी होने वाली है?
LPG Gas Cylinder Crisis in India Amid Iran and Israel War
खासतौर पर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे ढाबों में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता कुछ जगहों पर प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि फिलहाल आम घरों में इस्तेमाल होने वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई सामान्य है।
अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की परेशानी से पहले जरूरी कदम उठाए जा सकें।
भारत में एलपीजी की जरूरत
भारत दुनिया में एलपीजी का बड़ा उपभोक्ता देश है। देश में करोड़ों परिवार खाना बनाने के लिए एलपीजी का उपयोग करते हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार भारत में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी का लगभग दो-तिहाई हिस्सा दूसरे देशों से मंगाया जाता है।
इन आयातों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है, जैसे सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात। यही वजह है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है या ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ता है, तो भारत जैसे आयात करने वाले देशों को भी चिंता होती है।
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युद्ध का ऊर्जा सप्लाई पर संभावित असर
पश्चिम एशिया दुनिया के सबसे महत्त्वपूर्ण ऊर्जा क्षेत्रों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस दुनिया के कई देशों तक भेजी जाती है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नाम का समुद्री मार्ग बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इसी रास्ते से खाड़ी देशों का तेल और गैस दुनिया के बाजारों तक पहुंचता है।
अगर किसी युद्ध या तनाव के कारण इस समुद्री रास्ते पर खतरा बढ़ता है, तो सप्लाई धीमी हो सकती है। इसका असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों और उपलब्धता पर पड़ता है। इसी वजह से भारत में भी गैस और ईंधन को लेकर चर्चा बढ़ गई है।
होटल और रेस्टोरेंट पर एलपीजी का ज्यादा असर
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कुछ बड़े शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई में देरी देखी गई है। इसका असर खासतौर पर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और पीजी किचन पर पड़ा है।
कई जगहों पर होटल मालिकों ने बताया कि उन्हें पहले जितनी जल्दी गैस मिल जाती थी, अब उतनी जल्दी नहीं मिल रही। कुछ छोटे रेस्टोरेंट ने गैस की बचत के लिए अपने मेन्यू को सीमित कर दिया है। हालांकि यह समस्या हर शहर या पूरे देश में एक जैसी नहीं है।
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घरेलू उपभोक्ताओं के लिए क्या स्थिति है?
सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल एलपीजी की कोई बड़ी कमी नहीं है। तेल कंपनियां घरेलू सिलेंडर की सप्लाई को प्राथमिकता दे रही हैं ताकि आम लोगों की रसोई प्रभावित न हो।
भारत में करोड़ों परिवारों को गैस कनेक्शन देने के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी योजनाएं भी चल रही हैं, इसलिए सरकार के लिए घरेलू गैस की सप्लाई बनाए रखना बहुत जरूरी माना जाता है।
सरकार ने क्या कदम उठाए?
स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल कंपनियों ने सावधानी को देखते हुए कुछ जरूरी कदम भी उठाना शुरू कर दिए हैं। रिफाइनरियों को गैस उत्पादन बढ़ाने और स्टॉक की स्थिति मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर दूसरे देशों से अतिरिक्त आयात की संभावना भी देखी जा रही है।
ऊर्जा कंपनियां रख रही हैं नजर
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव ज्यादा समय तक चलता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। हालांकि फिलहाल भारत में बड़े स्तर पर एलपीजी संकट की स्थिति नहीं है।
अभी भारत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। लेकिन पश्चिम एशिया के हालात और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की स्थिति को देखते हुए सरकार और ऊर्जा कंपनियां सतर्क हैं।
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FAQs
1. क्या भारत में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी हो गई है?
उत्तर- फिलहाल घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई सामान्य है, लेकिन कुछ जगहों पर कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित होने की खबरें हैं।
2. एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता क्यों बढ़ी है?
उत्तर- पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-इजरायल संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
3. सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कर रही है?
उत्तर- सरकार घरेलू एलपीजी की सप्लाई को प्राथमिकता दे रही है और उत्पादन व आयात पर लगातार नजर रख रही है।
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