महाराष्ट्र में अजित पवार के बाद डिप्टी सीएम की रेस शुरू – ये नाम रेस में सबसे आगे
हाल ही में, महाराष्ट्र के बारामती के विमान हादसे में महाराष्ट्र की राजनीति के मजबूत मराठा चेहरे और छह बार उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार का निधन हो गया है। अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की सियासत में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।
अजित पवार के जाने का असर केवल उपमुख्यमंत्री की कुर्सी तक सीमित नहीं है, बल्कि वित्त मंत्रालय, एनसीपी की कमान, मराठा राजनीति, सहकारी क्षेत्र और चीनी मिल लॉबी तक फैला हुआ है। अब सवाल यही है कि अजित पवार के जाने से बने इस राजनीतिक खालीपन को कौन और कैसे भरेगा।
29 जनवरी 2026, गुरुवार को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार को बारामती मे अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे सहित कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों ने अजित पवार को श्रद्धांजलि दी। डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन से केवल पवार परिवार ही नहीं, बल्कि पूरी महाराष्ट्र की राजनीति को गहरा झटका लगा है।
NCP की कमान किसके हाथ में जाएगी?
अजित पवार के निधन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब अजित पवार के जाने के बाद एनसीपी की कमान अब कौन संभालेगा? दिग्गज नेता शरद पवार से अलग होने के बाद पार्टी की पूरी जिम्मेदारी अजित पवार के हाथों में थी, जबकि प्रफुल्ल पटेल पार्टी में नंबर दो की भूमिका निभा रहे थे।
खबरों के अनुसार, फिलहाल जबतक पार्टी का नया उत्तराधिकारी तय नहीं होता है तबतक पार्टी की जिम्मेदारी कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के पास रहने की संभावना बताई जा रही है।
प्रफ्फुल पटेल पार्टी के अनुभवी नेता ज़रूर हैं, लेकिन पार्टी की इनती बड़ी जिम्मेदारी देना थोडा जल्दबाजी भरा फैसला हो सकता है। प्रफ्फुल पटेल को जनाधार वाला मास लीडर नहीं माना जाता है।
प्रफ्फुल के अलावा, महाराष्ट्र एनसीपी पार्टी के अध्यक्ष सुनील तटकरे संगठन के लिहाज से काफी मजबूत हैं, लेकिन उनका प्रभाव सीमित क्षेत्र तक ही है। छगन भुजबल और धनंजय मुंडे जैसे ओबीसी नेता लोकप्रिय हैं, लेकिन वे विवादों से भी जुड़े रहे हैं।
अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद हैं और बेटे पार्थ पवार ने 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन राजनीतिक अनुभव और मजबूत आधार की बहुत कमी है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा सवाल यह है कि क्या पवार परिवार फिर से एकजुट होकर शरद पवार के नेतृत्व में आएगा, या एनसीपी बिखराव की ओर बढ़ेगी।
महाराष्ट्र का अगला वित्त मंत्री कौन होगा?
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का निधन ऐसे समय हुआ है, जब राज्य का बजट सत्र में कुछ ही दिन बाकी रहे गए थे। महाराष्ट्र में 23 फरवरी से बजट सत्र की शुरुआत होने वाली है, और मार्च के पहले सप्ताह में राज्य के बजट को अधिकारिक रूप से पेश किया जाएगा। अजित पवार इस बार अपना 12वां बजट पेश करने वाले थे।
अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि राज्य का वित्त मंत्रालय किसे सौंपा जाए। यह पद न केवल प्रशासनिक बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद ताकतवर माना जाता है। अब यह देखना होगा कि वित्त मंत्रालय महायुति में एनसीपी के पास ही रहता है या किसी सहयोगी दल को सौंपा जाता है।
अजित पवार के निधन के बाद मराठा राजनीति में खालीपन
मराठा वोटर्स की महाराष्ट्र की राजनीति में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अजित पवार इस वर्ग के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक थे। अजित पवार के निधन के बाद मराठा राजनीति में उनकी कमी को पूरा करना बहुत मुश्किल होगा।
पिछले कई वर्षों से कांग्रेस में मराठा नेतृत्व कमजोर पड़ चुका है, जबकि बीजेपी के साथ जुड़े मराठा गुटों की पकड़ भी सीमित बनी हुई है।
कॉपरेटिव पॉलिटिक्स पर सियासी संग्राम
महाराष्ट्र की चीनी मीलों को राज्य की रीड की हड्डी माना जाता है। एक आंकडे के अनुसार, महाराष्ट्र में दो लाख से अधिक सहकारी संस्थाएं और करीब सात करोड़ सदस्य हैं। इस क्षेत्र में लंबे समय तक मराठा नेतृत्व का दबदबा रहा है।
शरद पवार और अजित पवार ने सहकारी राजनीति के माध्यम से ही अपनी सियासी मौजूदगी को और भी अधिक मजबूत किया था। अजित पवार के निधन के बाद शरद पवार के लिए दोबारा सक्रिय होने का मौका बन सकता है, हालांकि शरद पवार की बढ़ती उम्र उनके लिए एक समस्या बन सकती है। वहीं, बीजेपी की नजर भी अब सहकारिता क्षेत्र पर है, जिससे आने वाले समय में यहां राजनीतिक संघर्ष तेज हो सकता है।
चीनी मिल लॉबी की नई लड़ाई
महाराष्ट्र में लगभग 200 चीनी की मिलें हैं। इस चीनी मीलों का महाराष्ट्र राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर काफी अधिक प्रभाव पड़ता है। महाराष्ट्र में सहकारी और निजी मिलों की संख्या लगभग बराबर है।
अजित पवार के निधन के बाद, इस लॉबी में नया शक्ति संतुलन बनने की संभावना है। शरद पवार, बीजेपी और अन्य दलों के बीच इस क्षेत्र को लेकर सियासी खींचतान बढ़ सकती है।
महाराष्ट्र का नया डिप्टी सीएम कौन?
महाराष्ट्र की महायुति सरकार में अजित पवार तीसरा इंजन थे। अजित पवार के गुट के पास 41 विधायक हैं और एनसीपी कोटे से डिप्टी सीएम की कुर्सी खाली हो गई है। ऐसे में प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल जैसे नेता महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं, जिससे पार्टी के भीतर गुटबाजी बढ़ने की आशंका है।
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FAQs –
1. डिप्टी सीएम किस पार्टी के कोटे से बनेगा?
उत्तर- एनसीपी (अजित पवार गुट) के कोटे से।
2. महाराष्ट्र उप मुख्यमंत्री पद हेतु संभावित दावेदार कौन हैं?
उत्तर- प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल जैसे नेता।
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