धोनी बलिदान बैज विवाद : साउथ अफ्रीका और इंडिया के बीच 5 जून 2019 को आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 का एक मुकाबला खेला गया था। जिसमे टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को आसानी से हरा दिया था। इस मैच में रोहित शर्मा ने शानदार बेलबाजी करते हुए 122 रनों शतकीय पारी खेली थी। रोहित शर्मा के इस शतक के बदौलत ही टीम इंडिया इस मैच को आसानी से जीत सकी थी। परन्तु इस मैच में रोहित शर्मा की शतक और टीम इंडिया की जीत से अधिक मैच के दौरान
धोनी द्वारा पहने गए ग्लव्स की अधिक चर्चा हुई। क्योंकि धोनी ने जिन ग्लव्स को पहन रखा था। उनपर 'बलिदान बैज' बना था। जिसपर आईसीसी ने आपत्ति जताई है।
आईसीसी और बीसीसीआई के बीच टक्करार
क्योंकि धोनी के ग्लव्स पर बने हुए
'धोनी बलिदान बैज विवाद' के चिन्ह पर आईसीसी और बीसीसीआई के बीच टक्करार देखने को मिल रही है। आईसीसी द्वारा धोनी को कहा गया है की वह अपने ग्लव्स पर से इस निशान को हटा लें। जिसपर धोनी के समर्थन में सम्पूर्ण आईसीसी के अध्यक्ष आ गए है। इतना ही नहीं बीसीसीआई के COA चीफ विनोद राय कहना है की
'हम (बीसीसीआई) आईसीसी को एमएस धोनी को उनके कीपिंग ग्लव्स पर 'बलिदान' पहनने के लिए अनुमति लेने के लिए पहले ही चिट्ठी लिख चुके हैं' आईसीसी के सूत्रों के अनुसार, यदि महेंद्र सिंह धोनी और बीसीसीआई द्वारा आईसीसी को इस बात के लिए सुनिश्चित कर लेती है कि 'बलिदान बैज' में किसी राजनीतिक, धार्मिक या नस्लीय के लिए कोई भी संदेश नहीं है, तो फिर आईसीसी द्वारा इस अनुरोध पर विचार कर सकता है।
COA चीफ विनोद राय धोनी के साथ
टीम इंडिया को रविवार को अपना इस
आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 का दूसरा मैच खेलना है इसी बात को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई के COA चीफ विनोद राय ने कहा है की हम अपने खिलाड़ियों के साथ खड़े है साथ उन्होंने यह भी कहा है की धोनी के ग्लव्स पर जो चिन्ह है वह किसी भी धर्म का प्रतिक नहीं है। और न ही वह कमर्शियल है। विनोद राय के अलावा, राजीव शुक्ला भी धोनी के समर्थन में उतरते हुए नजर आए है। इस विवाद पर उन्होंने कहा है की धोनी ने कुछ भी गलत नहीं किया है। साथ ही उन्होंने बीसीसीआई द्वारा आईसीसी को लिखे गए पत्र को बिल्कुल सही बताया है। धोनी ने आईसीसी के किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है।
यह था पूरा विवाद
धोनी ने आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान जिस कीपिंग ग्लव्स को पहन रखा था उसपर एक बलिदान बैज का निशान बना था। परन्तु धोनी के ग्लव्स पर जो बलिदान बैज बना था वह बैज पैरा-कमांडो लगाते हैं "
धोनी बलिदान बैज विवाद"। क्योंकि इस बैज को 'बलिदान बैज' पहचाना जाता है। इस बैज का उपयोग हर कोई नहीं कर सकता है।