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भारत में कमजोर ब्रांड पोज़िशनिंग क्यों नुकसान देह?

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भारत में कमजोर ब्रांड पोज़िशनिंग क्यों नुकसान देह?

Hidden Cost of Weak Brand Positioning in India : आपने अक्सर देखा होगा कि प्रतिदिन भारत में हजारों नए ब्रांड्स मार्किट में आते है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति अपने किसी नए ब्रांड्स को लॉन्च करना चाहता है तो उसके अपनी ब्रांड की पहचान बनाने के लिए बहुत अधिक परेशानी होगी। इसके बावजूद भी भारत की कई कंपनियों द्वारा बेहतर पोजीशनिंग पर ध्यान नहीं दिया जाता है।

Hidden Cost of Weak Brand Positioning in India

किसी भी ब्रांड की कमजोर ब्रांड पोजीशनिंग के कारण उसे मार्किट में नुकसान उठाना पड़ता है। आज हम आपको अपने इस लेख में अच्छे से समझाने की कोशिश करेंगे कि कमजोर ब्रांड पोजीशनिंग के छिपे हुए खर्च (Hidden Costs) क्या हो सकते हैं और इससे बचने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं?

भारत में ब्रांड पोज़िशनिंग की समस्या

ब्रांड के प्रति ग्राहकों का विश्वास खोना -

यदि किसी प्रोडक्ट्स की ब्रांड पोजीशनिंग कमजोर होती है तो उसका सबसे अधिक प्रभाव हमें अपने ग्राहकों पर देखनें को मिलता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्रांड पोजीशनिंग कमजोर होने से ग्राहकों का विश्वास कम होने लगता है।

भारत में सभी  उपभोक्ताओं को विशेषतौर पर एक भरोसेमंद ब्रांड्स की ज़रुरत होती है, यह बात तब और भी खास हो जाती है जब किसी प्रोडक्ट की गुणवत्ता और मूल्य के बारें में बात हो। किसी भी प्रोडक्ट की गुणवत्ता या फिर मूल्य सही न होने पर उपभोक्ता अन्य ब्रांड्स के प्रोडक्ट की तरफ अपनी अधिक रूचि दिखाता है।

Hidden Cost – 

किस भी प्रोडक्ट के प्रति यदि उपभोक्ताओं का विश्वास कम या फिर खत्म हो जाता है तो इस स्थिति में उस प्रोडक्ट्स की बिक्री में निरंतर गिरावट देखनें को मिलती है। इतना ही नहीं, नए ग्राहकों को अपने प्रोडक्ट या ब्रांड के प्रति आकर्षित करने में भी कठिनाई होती है।

कम रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI)

आपको इस बात का होना चाहिए कि किसी भी प्रोडक्ट की ब्रांड पोजीशनिंग का उद्देश्य केवल ग्राहक को प्रभावित करना नहीं होता है, बल्कि अपने कारोबार में अधिक लाभ कमाना भी होता है। अगर आपकी ब्रांड पोजीशन सही नहीं है तो इसका मतलब आप इना सोच समझे मार्केटिंग में अपना पैसा खर्च कर रहे हैं।

Hidden Cost – 

कम रिटर्न और बेहतर पोजीशनिंग की कमी का अर्थ होता है कि आप अपने ब्रांड की मार्केटिंग में खर्च किए जाने वाले पैसों को एक अच्छी रणनीति के अनुसार नहीं कर रहे हैं। इसका असर आपके प्रोडक्ट की बढ़ोतरी पर पड़ता है, जिससे आपके ब्रांड को प्रतिस्पर्धा में पीछे हटना पड़ता है।

प्रतिस्पर्धा में पिछड़ना

किसी नए ब्रांड को भारतीय मार्किट में उतारना बहुत कठिन होता है क्योंकि ब्रांड्स के लिए प्रतिस्पर्धा काफी अधिक होती है। यदि आपका ब्रांड मार्किट में एक विशेष पहचान बनाने में सफल नहीं हो पाता है, तो आप अपने प्रतिस्पर्धियों से काफी पीछे रह जाते हैं। अगर आपकी ब्रांड पोजीशनिंग मजबूत होती है, तो ग्राहाकों का आपके ब्रांड के प्रति अधिक भरोसा बढ़ जाता है।

Hidden Cost –

ख़राब ब्रांड पोजीशनिंग के चलते आपकी ब्रांड वैल्यू में कमी आने लग जाती है। साथ ही आपका मार्किट शेयर भी निरंतर गिरने लग जाता है। इसका सीधा सा मतलब होता है कि अगर आपके प्रतिस्पर्धियों को अधिक अवसर मिले तो इससे आपकी ब्रांड की पहचान खो सकती है।

ब्रांड की सार्वजनिक छवि को नुकसान

ब्रांड का मजबूत न होना आपकी सार्वजनिक छवि को अधिक नुकसान पहुँचा सकता है। अधिकतर कई कंपनियों द्वारा इस बात को नजरअंदाज किया जाता है। बहुत बार कंपनी अपनी ब्रांड पोजीशनिंग निरंतर बदलाव करती रहती है। यह स्थिति ग्राहकों को भ्रमित करती है।

Hidden Cost –

यदि आपकी ब्रांड की सार्वजानिक छवि ख़राब होती है तो इसके नकरात्मक प्रभाव आपको सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रॉल्लिंग के रूप में देखनें को मिलते हैं। इस प्रकार का नुकसान किसी भी कंपनी के लिए बहुत भारी हो सकता है, क्योंकि इस बड़े नुकसान की भरपाई करने में काफी अधिक समय लग सकता है।

ब्रांड की पहचान का अभाव

किसी भी प्रोडक्ट की ब्रांड पोजीशनिंग अच्छी होने से ग्राहाक उसे जल्दी से पहचान लेते हैं। इसके विपरीत यदि आपके ब्रांड का सन्देश कमजोर है तो स्थिति में ग्राहकों  को अपने ब्रांड को पहचानने में परेशानी होती है। इसके अलावा, कमजोर पोजीशनिंग होने कारण आपका ब्रांड अधिक समय तक मार्किट से गयाब हो सकता है।

Hidden Cost –

कम ब्रांड रिकॉल का मतलब होता है कि ग्राहक आपके ब्रांड को अधिक समय तक याद नहीं रख पाते है, जिससे आपके ग्राहक आधार में कमी आने लग जाती है। समय के साथ ब्रांड लॉयल्टी भी प्रभावित होती है और ब्रांड को बनाए रखना कठिन हो जाता है।

व्यावसायिक अवसरों का नुकसान

अच्छी ब्रांड पोजीशनिंग ने होने की वजह से आप व्यावसायिक अवसर खो सकते हैं। एक बेहतर ब्रांड पोजीशनिंग ने केवल मार्किट में ग्राहकों का ध्यान आपकी ब्रांड की और खींचती है, बल्कि नए साझेदार, निवेशक और बिजनेस अवसर भी उपलब्ध करा देती है।

Hidden Cost –

यदि बाजार में व्यावसायिक अवसरों का नुकसान होता है तो नौकरी के अवसर, बिजनेस साझेदारियों और बिजनेस ग्रोथ में भी कमी देखनें को मिलती है, जो समय के साथ आपके व्यवसाय के लिए बड़ा आर्थिक नुकसान बन सकता है।

ब्रांड पोज़िशनिंग कैसे सुधारें

  • सबसे पहले किस भी व्यक्ति को अपनी ब्रांड की पोज़िशनिंग को सुधारने के लिए उसकी एक स्पष्ट पहचान बनानी चाहिए।
  • साथ ही कोशिश करें कि आपके ब्रांड का उद्देश्य और उसकी खासियत ग्राहकों को साफ़-साफ़ पता लग सकें।
  • आपको ग्राहकों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए ब्रांड के बेहतर रणनीति को तैयार करना चाहिए।

FAQs
Q. भारत में ब्रांड क्यों फेल हो रहे हैं?

A. भारत में किसी भी ब्रांड के फ़ैल होने का सबसे बड़ा कारण गलत ब्रांड पोजीशनिंग, ग्राहक की ज़रूरतों को न समझ पाना है।

Q. ब्रांड की पहचान क्यों कमजोर हो जाती है?

A. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ब्रांड की स्पष्ट पहचान और सुसंगत संदेश नहीं होता है।

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