Stress और Anxiety से राहत पाने के आसान और असरदार उपाय!
Stress और Anxiety आजकल लगभग हर व्यक्ति की समस्या बन चुकी है। आज के समय पर काम का दबाव, भविष्य की चिंता, रिश्तों में चल रही उलझनें और सोशल मीडिया का प्रभाव लोगों की मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत ही गहरा और बुरा असर डालता हुआ नज़र आ रहा है। लेकिन अच्छी बात यह है कि आप कुछ सरल और नियमित उपायों की मदद से अपने तनाव और एंग्जायटी को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। आज इस ब्लॉग के ज़रिए समझेंगे कि आप तनाव और एंग्जायटी के लक्षण, कारण, और इसको मैनेज (handle stress and anxiety) करने के लिए आप क्या उपाय कर सकते हैं।
एंग्जायटी और तनाव के लक्षण (symptoms of stress and anxiety in hindi)
एंग्जायटी और तनाव के लक्षण हर किसी व्यक्ति में भिन्न दिखाई दे सकते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी लक्षण है जो लोगों में सामान्य तौर पर नज़र आ सकते हैं:-
- बेचैनी होना
- चिंता होना
- दिल की धड़कन का तेज़ होना
- अत्यधिक पसीने आने की समस्या होना
- हाथों का अचानक से कांपना
- चक्कर आना या फिर सिर घूमना
- नींद से जुड़ी समस्या होना
- बार-बार सोच में पड़ जाना या सोचते रहना
एंग्जायटी और तनाव के कारण (causes of stress and anxiety in hindi)
Stress और Anxiety के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और बाहरी तनाव आदि शामिल हैं:-
- मानसिक तनाव का होना (Mental stress)
- अत्यधिक काम का दबाव होना या महसूस होना
- व्यक्तिगत या पारिवारिक समस्याएं का होना
- कोई बुरी घटना या ट्रॉमा का होना
- अनहेल्दी जीवनशैली
- नींद से जुड़ी समस्या
एंग्जायटी और तनाव में क्या करें (What to do when you are anxious and stressed in hindi)
एंग्जायटी को कम करने के लिए कुछ आसान और प्रभावी तरीकों को करके आप राहत पा सकते हैं:-
गहरी श्वास लेना मददगार होगा
अगर आप गहरी श्वास लेते है तो यह शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है। यह शरीर को शांत करने में व्यक्ति की सहायता करता है।
मेडिटेशन और योग करें (guided meditation for stress and anxiety)
अगर तनाव के समय व्यक्ति मेडिटेशन और योग का सहारा लेता है ती इससे उसे मानसिक शांति मिलती है और एंग्जायटी की समस्या में कमी आती है।
संतुलित आहार का सेवन करें
अगर व्यक्ति अपनी डाइट में फाइबर और प्रोटीन की भरपूर मात्रा लें, तो उसको तनाव और एंग्जायटी की समस्या में आराम मिल सकता है। साथ ही रिफाइंड शुगर से बचें, क्योंकि यह व्यक्ति की एंग्जायटी को बढ़ा सकता है।
व्यायाम ज़रूर करें
अगर व्यक्ति रोज़ाना कम से कम 30 मिनट की वॉक या व्यायाम करें तो इससे उसकी एंग्जायटी और तनाव की समस्या में आराम (managing stress and anxiety) नज़र आ सकता है। यह मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने में भी मदद करता है।
आत्म-संयम और आत्म-देखभाल ज़रूरी
अगर आप अपनी मानसिक स्थिति का ध्यान रखें तो इससे भी आप अपनी एंग्जायटी की समस्या में आराम पा सकते हैं। खुद के लिए समय निकलें या खुद को समय दें, और अपनी भावनाओं को समझें।
अच्छी नींद लें
Stress और Anxiety को नियंत्रित करने के लिए सबसे उचित चीज़ है कि आप पर्याप्त नींद लें, इससे आप शरीर की अन्य समस्याओं से भी राहत पा सकते हैं ।
एंग्जायटी में क्या न करें (What not to do when you are anxious in hindi)
कुछ चीज़ें आपकी एंग्जायटी की समस्या को और बढ़ा सकती हैं, जिन्हें हमें ध्यान रखने की ज़रूरत हैं:-
अत्यधिक चिंता करना
अगर आप चिंता करते हैं या अधिक सोचते हैं तो एंग्जायटी बढ़ सकती है। खुद को शांत रखने की कोशिश करें।
आलस्य और खुद को नजरअंदाज करना
अगर आप अपनी समस्याओं को अक्सर नज़रअंदाज़ करते हैं और सक्रिय नहीं रहते हैं, तो यह आपकी एंग्जायटी की समस्या ओ ओर भी अधिक बढ़ा सकती है।
कैफीन और शराब का सेवन
अगर आपको एंग्जायटी की समस्या है और इसमें आप कैफीन और शराब आदि जैसी चीज़ों का सेवन करते हैं, तो या एंग्जायटी को और बढ़ा सकती हैं, इसलिए धीरे-धीरे इन्हें कम करें।
सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग
सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने से तनाव और चिंता बढ़ सकती है, जिस कारण आपकी एंग्जायटी की समस्या और अधिक बढ़ने का ख़तरा रहता है।
अनहेल्दी जीवनशैली अपनाना
अस्वस्थ खानपान, नींद की कमी, और तनावपूर्ण जीवनशैली भी आपकी चिंता और एंग्जायटी जैसी समस्या के बढ़ने का कारण होता है इसलिए आप इसमें सुधार करके अपनी समस्या में बदलाव ला सकते हैं।
एंग्जायटी को कम करने के उपाय (how to reduce stress and anxiety in hindi)
स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं : सही खानपान और पर्याप्त नींद लेने से एंग्जायटी को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
प्राकृतिक उपायों का इस्तेमाल करें : आप एंग्जायटी की समस्या से राहत पाने के लिए जामुन का रस, मेथी दाना पानी और बेलपत्र आदि, जैसे घरेलू उपाय का इस्तेमाल कर सकते हैं।
पेशेवर से मदद लें : अगर आपकी एंग्जायटी की समस्या गंभीर हो जाए तो थेरेपी या काउंसलिंग लेने पर ज़रूर विचार करें।
समय प्रबंधन में सुधार करें: अपने कार्यों को प्राथमिकता दें और खुद पर ज़रूरत से ज्यादा दबाव न डालें।
डॉक्टर से कब मिलें
अगर एंग्जायटी के लक्षण ज्यादा गंभीर हो जाएं या लंबे समय तक बने रहते हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करना ज़रूरी हो जाता है:-
- अगर एंग्जायटी आपके रोज़मर्रा के जीवन में बाधा डालने लगी है।
- अगर आपको नींद की समस्या हो रही हो
- आपको मानसिक शांति नहीं मिल पा रही है।
- अगर आपको उदासी, निराशा या बेहद चिंता महसूस हो रही हो।
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