Find the latest news and articles

अमेरिका-ईरान युद्ध : आखिर क्यों ट्रंप ने उड़ाया ब्रिटिश सेना का मजाक

By |
अमेरिका-ईरान युद्ध : आखिर क्यों ट्रंप ने उड़ाया ब्रिटिश सेना का मजाक

UK Stance on Iran War 2026 News in Hindi : दिन प्रतिदिन मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक राजनीति में बहुत अधिक हलचल देखनें को मिल रही है। हैरानी की बात यह है कि इस बार चर्चा का केंद्र केवल ईरान और अमेरिका की दुश्मनी नहीं, बल्कि दो पुराने सहयोगियों कहे जाने वाले अमेरिका और ब्रिटेन के बीच पैदा हुई कड़वाहट है।

UK Stance on Iran War 2026 News in Hindi 

हाल ही में, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ छेड़ी गई अपनी जंग में नाटो (NATO) सहयोगियों के ठंडे रवैये से बेहद नाराज हैं। खबरों के अनुसार, अमेरिका की इस नाराजगी का सबसे तीखा प्रहार ब्रिटेन पर हुआ है, जिसके आधुनिक युद्धपोतों को ट्रंप ने खिलौना बताया है।

एयरक्राफ्ट कैरियर पर मचा घमासान

ऐसा कहा जा रहा है कि अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन से मांग की थी कि ब्रिटेन ईरान के खिलाफ अभियान में अपने दो ताकतवर एयरक्राफ्ट कैरियर अमेरिका की मदद के लिए भेजे। डोनाल्ड ट्रंप की इस मांग को ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर द्वारा ठुकरा दिया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी व्हाइट हाउस में दिए गए एक बयान में ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ब्रिटेन से कह दिया है कि परेशान न हों, हमें आपके खिलौनों की जरूरत नहीं है।

यह भी पढ़ें : ईरान का ऐलान: भारत समेत 5 देशों के लिए खुला 'होर्मुज'

क्या है ब्रिटेन का रुख?

राजनीतिक विशेषज्ञों का यह मानना है कि ब्रिटेन इस युद्ध में सीधे तौर पर आक्रामक भूमिका निभाने से बच रहा है। इस पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि:

  • किसी भी रूप में ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान पर आक्रामक हमलों के लिए नहीं किया जाएगा।
  • इसके अलावा, स्टार्मर ने यह भी कहा है कि डिएगो गार्सिया जैसे रणनीतिक ठिकानों का उपयोग केवल रक्षात्मक कार्यों के लिए किया जा सकता है।
  • ब्रिटेन अपनी सुरक्षा और हितों को प्राथमिकता दे रहा है, न कि किसी दूसरे की जंग का हिस्सा बनना चाहता है।

यह भी पढ़ें : Trump vs Iran: आखिर क्यों ईरान के दिए हुए गिफ्ट से खुश हुए ट्रंप!

HMS Dragon और होर्मुज स्ट्रेट की चुनौती

क्या आप जानते हैं कि यह तनाव तब और बढ़ गया जब लेबनान से दागी गई एक ईरानी मिसाइल ने साइप्रस में ब्रिटिश वायुसेना के ठिकाने को निशाना बनाया था। इस आत्मघाती हमले के जवाब में, ब्रिटेन ने अपने अत्याधुनिक युद्धपोत HMS Dragon को पूर्वी भूमध्यसागर में तैनात किया है। 

इसके अलावा, रॉयल नेवी होर्मुज स्ट्रेट में माइन हटाने वाले ड्रोन्स के लिए एक शिप तैनात करने पर विचार कर रही है, ताकि वैश्विक व्यापार मार्ग को ईरानी हमलों से सुरक्षित रखा जा सके।

यह भी पढ़ें : अमेरिका-ईरान तनाव पर पीएम मोदी की चेतावनी, भारत रहे तैयार

डिएगो गार्सिया और ट्रंप का तीखा तंज

अभीतक आपको लग रहा होगा कि ट्रंप की नाराजगी का कारण ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का अमेरिका को सहयोग न देना है। लेकिन क्या आपको पता है कि प की नाराजगी की एक बड़ी वजह डिएगो गार्सिया द्वीप भी है। 

ब्रिटेन ने इस द्वीप को मॉरीशस को सौंपने का समझौता किया है, जिसकी ट्रंप शुरू से आलोचना करते रहे हैं। वे चाहते थे कि यह रणनीतिक द्वीप अमेरिका के पास रहे। जब ईरान ने इस द्वीप के पास मिसाइल दागी, तो ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि ब्रिटेन डर के मारे इसे हमें नहीं दे रहा था।

जब ईरान ने इस द्वीप के पास मिसाइल दागी, तो ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में कहा कि "ईरान ने उस मशहूर द्वीप को निशाना बनाया जिसे ब्रिटेन हमें देने से डर रहा था। वे युद्ध में नहीं घसीटे जाना चाहते, लेकिन हम भी उनके युद्धों में नहीं फंसना चाहते।"

यह भी पढ़े : ईरान-अमेरिका युद्ध: 9 अप्रैल को खत्म होगी जंग? ट्रंप का बड़ा ऐलान

कूटनीतिक दरार या सिर्फ चुनावी तेवर?

फिलहाल, ट्रंप के इस बयान पर ब्रिटिश के प्रधानमंत्री स्टार्मर ने ट्रंप कुछ कहने से साफ मना कर दिया है। स्टार्मर ने इसे एक दबाव बनाने की रणनीति बताया है। लेकिन हकीकत यह है कि ट्रंप के इस खिलौना वाले बयान ने सदियों पुरानी दोस्ती के बीच एक बड़ी लकीर खींच दी है।

यह भी पढ़ें :ईरान का मिसाइल प्रोग्राम: हकीकत या सिर्फ दुनिया को डराने का बड़ा गेम?

अक्सर आपके द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) –

प्रश्न :  डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटिश युद्धपोतों को 'खिलौना' क्यों कहा?

उत्तर: ट्रंप ब्रिटेन द्वारा ईरान के खिलाफ अपने एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने से इनकार करने और उनके पुराने मॉडल होने के कारण नाराज थे।

प्रश्न : प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने डिएगो गार्सिया द्वीप पर क्या स्टैंड लिया है?

उत्तर: स्टार्मर ने द्वीप को मॉरीशस को सौंपने का फैसला किया है और वे इसका उपयोग केवल रक्षात्मक सैन्य कार्यों के लिए करेंगे।

प्रश्न : क्या ब्रिटेन ईरान के खिलाफ अमेरिका के साथ युद्ध में शामिल है?

उत्तर: नहीं, ब्रिटेन सीधे हमले के बजाय केवल अपने हितों की रक्षा और होर्मुज स्ट्रेट जैसे व्यापारिक मार्गों को बचाने पर केंद्रित है।