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क्या ईरान के खार्ग आइलैंड पर कब्जा करेगा अमेरिका?

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क्या ईरान के खार्ग आइलैंड पर कब्जा करेगा अमेरिका?

Trump Iran Kharg Island Statement News in Hindi : जैसा कि आप सब जानते हैं कि मिडल ईस्ट में जारी भीषण जंग को आज 31 दिन पूरे हो चुके हैं। मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस एक महीने के दौरान दुनिया ने जो तबाही देखी, वह अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गई है।

Trump Iran Kharg Island Statement News in Hindi

हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने दुनिया की राजनीति और तेल बाजार में बहुत अधिक हलचल देखनें को मिल रही है। ट्रंप ने अपने बयान में इस बात को साफ कर दिया है कि उनकी नजर अब सीधे ईरान की तेल और रणनीतिक खार्ग आइलैंड पर है।

ट्रंप ने इंटरव्यू में क्या कहा?

हकीकत तो यह है कि एक न्यूज़ एजेंसी को दिए गए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा है कि वह उनकी पसंदीदा चीज ईरान के तेल पर कब्ज़ा करना चाहते हैं। साथ ही साथ ट्रंप ने उन लोगों को मुर्ख बताया है जो उनके इस कदम पर सवाल उठा रहे हैं।

ट्रंप के इंटरव्यू को देखकर साफ पता चलता है कि उन्होंने इस संभावित कार्रवाई की तुलना वेनेजुएला के उदाहरण से की है, जहाँ अमेरिका ने जनवरी में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद तेल संसाधनों पर नियंत्रण हासिल किया था।

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खार्ग आइलैंड पर कब्जे की तैयारी?

क्या आप जानते हैं कि ईरान का लगभग 90% कच्चा तेल खार्ग आइलैंड के टर्मिनल से ही दुनिया भर में निर्यात होता है। राजनीतिक विशेषज्ञों का यह कहना है कि अमेरिका इस रणनीतिक द्वीप पर कब्जा करने पर विचार कर रहा है।

ट्रंप ने कहा, 'हमारे पास कई रास्ते हैं, पर इसके लिए हमें खार्ग द्वीप पर रुकना पड़ेगा।' दूसरी तरफ, जंग के 31वें दिन दुनिया भर में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और बाजार की हालत खराब है।

ट्रंप के इस बयान के बाद, तेल की कीमतों में 50 फीसदी से ज्यादा का उछाल आ चुका है। सोमवार (30 मार्च) को एशिया में ब्रेंट क्रूड ऑयल $116 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया, जो इस जंग की शुरुआत के बाद का उच्चतम स्तर है। अगर अमेरिका खार्ग आइलैंड पर कोई भी कार्रवाई करता है, तो विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतें $150 के पार जा सकती हैं, जिससे पूरी दुनिया में महंगाई का नया तूफान आ जाएगा।

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ईरान को लेकर ट्रंप की रणनीति

ट्रंप की रणनीति दोतरफा नजर आ रही है, जिसे आप निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझ सकते हैं जैसे कि :-

  1. कूटनीति: खबरों की मानें, तो ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान के जरिए ईरान के साथ बैक-चैनल यानी इनडायरेक्ट बातचीत में काफी प्रोग्रेस हुई है। उनका यह भी मानना है कि एक बड़ी डील काफी जल्दी हो सकती है।
  2. सैन्य शक्ति: एक तरफ बातचीत की खबरें हैं, तो दूसरी तरफ ट्रंप ने युद्ध के मैदान में अमेरिकी सेना की ताकत दोगुनी कर दी है। पेंटागन ने 10,000 और सैनिकों को भेजने का हुक्म दिया है। अब तक 3,500 जवान पहुँच भी चुके हैं, जिनमें मरीन और एयरबोर्न डिवीजन के जांबाज शामिल हैं।

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क्या यह विश्व युद्ध की आहट है?

जंग के 31वें दिन हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब सुलह का रास्ता बहुत कठिन है। हैरान कर देने वाली बात यह है कि ट्रंप एक हाथ में शांति की डील और दूसरे में कब्जे का प्लान लेकर चल रहे हैं। उनका निशाना ईरान का खार्ग द्वीप है। अगर ऐसा हुआ, तो यह छोटी-मोटी भिड़ंत नहीं बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में लेने वाला एक बड़ा युद्ध बन सकता है।

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अक्सर आपके द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) –

प्रश्न :  खार्ग द्वीप ईरान के लिए इतना जरूरी क्यों है?

उत्तर : ईरान का 90% कच्चा तेल इसी द्वीप से निर्यात होता है, इसलिए इस पर कब्जा ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह तबाह कर सकता है।

प्रश्न :  ट्रंप के इस बयान का ग्लोबल मार्केट पर क्या असर पड़ा है?

उत्तर : जंग के 31वें दिन तेल की कीमतें 50% बढ़ चुकी हैं और ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गया है।

प्रश्न :  क्या अमेरिका सच में ईरान के साथ युद्ध की तैयारी कर रहा है?

उत्तर ट्रंप ने बातचीत का विकल्प खुला रखा है, लेकिन सुरक्षा के लिए 10,000 अतिरिक्त सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजने का आदेश दिया है।