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वेनेज़ुएला में निवेश से पीछे क्यों हट रही अमेरिकी कंपनियां? समझिए पूरा मामला

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वेनेज़ुएला में निवेश से पीछे क्यों हट रही अमेरिकी कंपनियां? समझिए पूरा मामला

अबतक दुनिया के अधिकतर लोग इस बात से अवगत हो गए है कि वेनेज़ुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार उपलब्ध है, सोचने वाली बात यह है कि इतने बड़े तेल भंडार होने के बावजूद आज वहां तेल निकालना और बड़े स्तर पर निवेश करने को सबसे जोखिम क्यों माना जा रहा है।

ट्रम्प की बैठक में क्या हुआ?

हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा एक बैठक की गई थी। इस बैठक में डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिकी तेल कंपनी वेनेज़ुएला के तेल उद्योग को फिर से खड़ा करने के लिए कम से कम 100 अरब डॉलर का निवेश करें।

डोनाल्ड ट्रम्प का मानना है कि इससे तेल कंपनियों को बड़ा फायदा हो सकता है। साथ ही साथ अमेरिका की ऊर्जा रणनीति में लाभ देखनें को मिलेगा। सवाल यह है कि डोनाल्ड ट्रम्प की अपील के बाद भी आखिर क्यों अमेरिका की कई प्रमुख तेल कंपनियां आगे बढ़ने को तैयार नहीं है।

वेनेज़ुएला पर निवेश सुरक्षा पर भरोसा कम

तेल कंपनियों के लिए सबसे अहम बात यह है कि अमेरिका की किसी भी कंपनी का वेनेज़ुएला को लेकर निवेश सुरक्षा पर भरोसा बहुत कम है। पिछले कई वर्षों से वेनेज़ुएला में विदेशी  कंपनियों की संपत्तियों पर सरकार के नियंत्रण, अनुबंधों में बदलाव और कानूनी विवादों जैसी विभिन्न प्रकार की घटनाएँ देखनें को मिली है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ExxonMobil के CEO ने यहां तक कहा कि वर्तमान समय को देखते हुए, वेनेज़ुएला में निवेश करना बहुत मुश्किल और जोखिम भरा हो सकता है।

पुराना ढाँचा बना निवेश्काताओं के लिए मुसीबत

तेल क्षेत्र के अलावा, वेनेज़ुएला के लिए दूसरा सबसे बड़ा संकट वहां का टूटा हुआ ढाँचा हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वेनेज़ुएला में कई ऑयल फील्ड्स, रिफाइनरी सिस्टम, पाइपलाइन और स्टोरेज नेटवर्क बहुत अधिक पुराने हो चुके हैं।

इसपर दुनिया के कई विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वेनेज़ुएला इस सभी ढाँचों को दुबारा सही करना चाहता है तो इसकेलिए उन्हें बहुत अधिक खर्चा करना होगा।

अमेरिका के राष्ट्रपति का स्पष्ट तौर पर यह कहना है कि अमेरिका सरकार द्वारा पैसा खर्च नहीं किया जाएगा। ढाँचे को सही करने के लिए होने वाले खर्चे को निवेश तेल कंपनिया खुद करेंगी।

वेनेज़ुएला में तेल के भाव में कमी

वेनेज़ुएला विवाद के बाद तेल की वैश्विक कीमतें बहुत अधिक बड़ी हैं। तेल की बड़ी कीमतों पर कई अधिकारीयों का कहना है कि विभिन्न प्रकार के प्रोजेक्ट्स में कंपनिया अधिक लाभ कमाना चाहती हैं, जबकि बाजार में तेल की कीमतें उतनी अधिक मजबूत नहीं हैं। यदि तेल का भाव कम रहता है तो बड़े निवेशकर्ताओं का बाजार में लौटना मुश्किल हो जाएगा।

अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच हुए इस विवाद के बाद, दुनियाभर की बड़ी कंपनियां निवेश करने को लेकर बहुत अधिक सावधानियां दिखा रही हैं। बहुत सी छोटी कंपनियों द्वारा इसको एक अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

इन कंपनियों द्वारा निवेश करने में बहत अधिक जल्दी दिखाई जा रही है। इसके विपरीत दुनियाभर की बड़ी कंपनियां भविष्य में होने वाले नुकसान को लेकर अधिक विचार कर रही हैं।

इस कंपनी ने निवेश में दिखाई रूचि

वेनेज़ुएला में निवेश करने को लेकर Chevron ने अपनी रूचि दिखाई है। यह कंपनी पहले से ही वेनेज़ुएला में मौजूद रही है। वही अगर बाकी कंपनियों को देखें तो Chevron की थोड़ी अलग स्थिति में हैं। इस कंपनी द्वारा वेनेज़ुएला में मौजूदा उत्पादन को बढ़ाने की बात की जा रही है, लेकिन 100 अरब डॉलर जैसी बड़ी रकम को निवेश करने को लेकर प्रश्नचिन्ह बना हुआ है।

हम इस बात से इंकार कर सकते हैं कि वेनेज़ुएला के पास अधिक तेल ज़रूर है, परन्तु किसी बड़ी कंपनी द्वारा तेल का अधिक होना निवेश करने के लिए काफी नहीं होता है।

कंपनियां चाहती है कि वहां स्थिर सरकार, मजबूत कानून, सुरक्षित कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम और भरोसेमंद सुरक्षा हो। जब तक यह सब बातें साफ़ नहीं होती हैं तबतक अमेरिका तेल कंपनियों द्वारा किसी भी प्रकार के बड़े निवेश से दूरी बनाई जाती है।

FAQs –

Q. आखिर वेनेजुएला में निवेश को लेकर चर्चा क्यों हो रही है?

A. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, वर्तमान समय में दुनियाभर की बड़ी कंपनियों द्वारा यहाँ पर बड़े निवेश की बात की जा रही है।

Q. तेल कंपनियां वेनेजुएला में निवेश क्यों नहीं करना चाहती?

A. अधिकतर निवेशकर्ताओं द्वारा इसे बहुत जोखिम भरा माना जा रहा है, क्योंकि वेनेज़ुएला के तेल क्षेत्र में सुधार लाने के लिए बहुत बड़ा निवेश करना होगा।

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