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क्यों ट्रंप ने खुद को वेनेज़ुएला का “कार्यवाहक राष्ट्रपति” बताया — क्या है पूरा मामला?

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क्यों ट्रंप ने खुद को वेनेज़ुएला का “कार्यवाहक राष्ट्रपति” बताया — क्या है पूरा मामला?

पिछले कुछ दिनों से डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा वेनेज़ुएला को लेकर विभिन्न प्रकार के नए - नए आक्रामक बयान सुनने को मिल रहे हैं। ऐसा ही कुछ हमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अपने सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट को देखकर भी पता चलता है जिसमें उन्होंने वेनेज़ुएला को लेकर कुछ ऐसा कहा है जिसके बाद अमेरिकी राजनीति और दुनिया की कूटनीति में हलचल मचा दी है।

डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया गया है जिसमें डोनाल्ड ट्रम्प ने खुदको  “Acting President of Venezuela” यानी कि वेनेज़ुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति बताया है।

डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि वह वेनेज़ुएला का 30 से 50 मिलियन (करीब 5 करोड़) बैरल तेल अमेरिका को  भेजेंगे। ट्रम्प के इस बयान के बाद, इन्टरनेट पर तरह-तरह की चर्चाएँ देखने को मिल रही हैं। जिसमें कहा जा रहा है कि क्या अमेरिका अब वेनेज़ुएला को पूरी तरह से कंट्रोल कर रहा है? क्या यह अमेरिका का सिर्फ तेल सौदा है या कोई कब्जे की राजनीति है?

ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर वेनेज़ुएला को लेकर क्या कहा?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया हैंडल Truth पर एक पोस्ट को जारी किया है जिसमें उन्होंने खुदको वेनेज़ुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति बताया है। इतना ही नहीं, डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा एक डिजिटल/ एडिटेड फोटो को भी साझा किया गया है।

डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी इस पोस्ट में यह भी कहा है कि वेनेज़ुएला की “अंतरिम व्यवस्था/अंतरिम सरकार” द्वारा अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल हाई क्वालिटी तेल सौंपा जाएगा। अमेरिका वेनेज़ुएला से प्राप्त इस तेल को बाजार भाव पर बेचेगा।

कब कहा ट्रम्प ने खुदको वेनेज़ुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति

आज यानी कि 12 जनवरी 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा खुदको वेनेज़ुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाने की बात कही गई है। जबकि इससे कुछ ही दिन पहले लगभग 07 जनवरी 2026 को वेनेज़ुएला से 30–50 मिलियन बैरल (करीब 5 करोड़) तेल अमेरिका की ओर भेजनें को कहा गया था।

आखिर क्यों ट्रम्प ने खुदको को वेनेज़ुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति कहा?

कई विशेषज्ञों द्वारा कहा जा रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा किए जा रहे इस दावे का मुख्य कारण वेनेज़ुएला में सत्ता व प्रशासन को लेकर अस्थिरता और अमेरिका का बढ़ता हस्तक्षेप करना है। वेनेज़ुएला के ऊपर हुई सैन्य कार्यवाई के बाद, वहाँ की “अंतरिम व्यवस्था” जैसी स्थिति का जिक्र अधिक देखनें को मिल रहा है।

डोनाल्ड ट्रम्प को खुदको "Acting President" कहना एक बहुत बड़ा राजनितिक सन्देश हो सकता है। जिसका लक्ष्य यह दिखाना है कि अमेरिका द्वारा वेनेज़ुएला की स्थिति और उसके तेल संसाधनों पर सम्पूर्ण रूप से नियंत्रण किया जा चुका है।

क्यों 5 करोड़ बैरल तेल अमेरिका भेजा रहा है?

इस समय हर व्यक्ति को इस बात का पता चल चुका है कि दुनिया में सबसे बड़े तेल भंडार वेनेज़ुएला के पास है। जब किसी देश का तेल वैश्विक आपूर्ति में बड़ा योगदान होता है, तो इसका सीधा असर हमें दुनियाभर में तेल की कीमतों, ऊर्जा नीतियों और दुनिया की राजनीति पर देखनें को मिलता है। इसलिए हमेशा अमेरिका द्वारा वेनेज़ुएला के तेल भंडार को अन्तर्राष्ट्रीय चर्चा का बड़ा मुद्दा बनाया गया है।

कैसे होगा अमेरिका वेनेज़ुएला का यह तेल सौदा?

अमेरिका द्वारा वेनेज़ुएला से प्राप्त तेल को बाजार के कीमतों पर बेचा जाएगा।  साथ ही तेल बेचकर अर्जित किए गए पैसों को अमेरिका और वेनेज़ुएला के लोगों के विकास हेतु खर्च किया जाएगा। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस सम्पूर्ण तेल के सौदे पर किस देश का सम्पूर्ण नियंत्रण रहेगा। जिस देश पर इसका सम्पूर्ण नियंत्रण होगा वही इस मामले की दिशा को तय करेगा।

एक अधिकारिक जानकारी के अनुसार, वेनेज़ुएला के कच्चे तेल से उत्पादों की बिक्री से जो पैसे एकत्रित होंगे, उन्हें सबसे पहले अमेरिका के बैंक खातों में जमा कराया जाएगा। इन पैसों को सीधा वेनेज़ुएला नहीं भेजा जाएगा। अमेरिका द्वारा इसे नियंत्रित तरीके से रखा जाएगा।

इस बात का फैसला भी अमेरिकी सरकार द्वारा लिया जाएगा कि इन पैसों का उपयोग कब, कहाँ और किस कार्य के लिए किया जाए। शुरुआती चरण में करीबन 30–50 मिलियन बैरल (करीब 5 करोड़ बैरल) तेल की बिक्री की बात कही जा रही है।

इस तेल सौदे से क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद बढ़ा सकता है?

यदि किसी देश द्वारा अन्य किसी देश के तेल संसाधनों पर नियंत्रण करना सीधे तौर पर उस देश की स्वतंत्रता और अधिकार पर एक बहुत बड़ा प्रहार होता है। जब कभी भी किसी देश के प्राकृतिक संसाधनों पर बाहरी नियंत्रण की बात आती है तो उस समय यह मुद्दा सिर्फ आर्थिक न रहकर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और कानूनी मुद्दा बन जाता है।

इसमें यह बात भी सोचने वाली है कि तेल बेचकर मिलने वाले पैसों को किसके पास रखा जाएगा। तथा किन नियमों का ध्यान रखते हुए इनको खर्च किया जाएगा। इतना ही नहीं, लैटिन अमेरिका की राजनीति में यह घटना बहुत बड़े तनाव और नए टकराव की एक बहुत बड़ी वजह बन सकता है।

FAQs

Q. ट्रंप ने खुद को वेनेज़ुएला का “कार्यवाहक राष्ट्रपति” क्यों कहा?

A. ट्रम्प ने एक प्रकार का राजनीतिक संदेश देने के लिए इस बात को कहा है। वह सत्ता व्यवस्था पर ज्यादा नियंत्रण दिखाना चाहते हैं।

Q. यह बयान कब सामने आया?

A. 12 जनवरी 2026 को

 Q. क्या ट्रंप सच में वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति बन सकते हैं?

A. इस बात की अभीतक कोई क़ानूनी घोषणा नहीं की गई है यह सिर्फ एक राजनीतिक दावा है

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