भारत और वेनेज़ुएला में खाद्य कीमतों का अंतर: जानिए क्यों इतना फर्क है
जब से अमेरिका द्वारा वेनेज़ुएला पर सैन्य करवाई के बाद वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो हिरासत में लिया गया है उसके बाद से वेनेज़ुएला में उथल-पुथल देखनें को मिल रही है। वेनेज़ुएला एक ऐसा देश है जो पहले से ही बढ़ती महंगाई का सामना कर रहा था। दुनिया में वेनेज़ुएला को उसके बड़े-बड़े तेल भंडार के लिए जाना जाता था।
क्या आप जानते हैं कि अपने अरब देशों से अधिक तेल भंडार होने के बाद क्यों वेनेज़ुएला गरीबी की मार झेल रहा है। इतना ही नहीं, वेनेज़ुएला के नागरिकों को रोजमर्रा की चीजें भी बहुत अधिक दामों में खरीदनी पड़ रही है।
खाद्य कीमतों में वृद्धि से आम नागरिक बेहाल
ऐसा अक्सर देखा गया है कि दुनियाभर में जब भी महंगाई और खाद्य कीमतों में वृद्धि होती है तो इसका सीधा असर एक आम नागरिक पर पड़ता है। जबकि कुछ देशों में इसका अधिक फर्क देखनें को मिलता है। आज ऐसा ही उदाहरण हमें भारत और वेनेज़ुएला के बीच के खाद्य कीमतों में आए अंतर को देखते हुए पता चलता है।
भारत में बहुत ऐसी चीजें है जिसे आप कम दामों में खरीद सकते हैं। वही अगर आप वेनेज़ुएला की बात करेंगे तो आपको वहाँ यही सब चीजें तिगुने दामों में मिलेगी।
वेनेज़ुएला में गरीबी अपने चरम पर
कुछ समय पहले तक वेनेज़ुएला को सबसे अधिक अमीर देशों की सूची में देखा जाता था। वही अगर आप वर्तमान समय में दुनिया वेनेज़ुएला को इस सूची से पिछड़ता हुआ देखा जा रहा है। 3 जनवरी को अमेरिका द्वारा वेनेज़ुएला की राजधानी कराकास पर हमला किया गया था। हमले के बाद वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी हिरासत में लेकर अमेरिका ले जाएगा गया था।
ऐसा नहीं है कि इस घटना से पहले वेनेज़ुएला में सबकुछ ठीक था वेनेज़ुएला में अराजकता तो पिछले कई दशकों से देखी जा रही है लेकिन हाल ही में अमेरिका ने वेनेज़ुएला के साथ जो किया है उसकी दुनियाभर में खूब निंदा की जा रही है।
वेनेज़ुएला में महँगाई पहले से 5 गुना अधिक
अबतक आपको यह बात तो पता चल गई होगी कि वेनेज़ुएला तेल के मामले में दुनियाभर के सभी देशों से आगे था। इतना ही नहीं, ऐसा कहा जाता है कि वेनेज़ुएला की जमीन के नीचे काला सोना (तेल) बहता है। इस समय वेनेज़ुएला के आम नागरिक दूध-ब्रेड जैसी बुनियादी चीजों के लिए तरसते हुए नजर आ रहे हैं। इसके पीछे वेनेज़ुएला की खुद की नीतियां ज़िम्मेदार हैं।
वेनेज़ुएला पर अमेरिका द्वारा किए गए हमले के बाद वहाँ की खाने-पीने की चाजों में बहुत अधिक बढ़ोतरी देखी जा रही है। अगर आप वेनेज़ुएला के किराना के ज़रूरी सामान की कीमत न्यूनतम आय से लगभग 5 गुना अधिक हो गई है। जो वेनेज़ुएला के आम नागरिकों के लिए बहुत बड़ी समस्या है। वेनेज़ुएला में इस समय भुखमरी और बेरोजगारी अपने चरम पर है।
वेनेजुएला बोलिवर Vs भारतीय रुपया
अमेरिकी कंपनी फ़ोर्ब्स के अनुसार, भारत का एक रुपया वेनेज़ुएला के 3.46 VES के बराबर आ गया है। जबकि भारत के 100 रूपये वेनेज़ुएला के 46.43 बोलिवर के बराबर है। आसान भाषा में भारत के 100 रूपये वेनेज़ुएला में 346 रूपये होते हैं। वेनेज़ुएला में इस समय महँगाई भारत से कई ज्यादा है।
क्या आपको पता है कि वेनेज़ुएला में रहने का खर्च भारत के मुकाबले 99.7% ज्यादा है जबकि वेनेज़ुएला में किराए की कीमतें भारत की तुलना में 63.7% से अधिक है।
इन सबके अलावा, रेस्टोरेंट की कीमतें भारत की तुलना में 163.6% अधिक हो गई है। इससे पता चलता है कि वेनेज़ुएला में हालात कितना अधिक ख़राब है। अमेरिका और वेनेज़ुएला विवाद में वहाँ के आम लोगों को इस भुगतान भरना पड़ रहा है।
खाने-पीने की कीमतों में अंतर
इस समय भारत और वेनेज़ुएला और भारत में खाने-पीने की चीजों के कीमतों में काफी अधिक अंतर देखनें को मिल रहा है। भारत में 1 लीटर दूध की कीमत 60.98 रूपये जबकि वेनेज़ुएला में 1 लीटर दूध की कीमत करीबन 175 रूपये है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वेनेज़ुएला और भारत की चीजों में जमीन आसमान का अंतर है।
यदि आप इस समय में भारत में एक 500 ग्राम वाइट ब्रेड का पैकेट खरीदते है तो आपको इसकेलिए 43.54 रुपये का भुगतान करना पड़ता है वही अगर आप वेनेज़ुएला में इस पैकेट को खरीदने जाते है तो आपको इसकेलिए 170.68 रूपये देने होंगे। भारत में सफ़ेद चावल की कीमत 61.33 रूपये है जबकि वेनेज़ुएला में इसकी कीमत 119.71 रूपये है।
FAQs
Q. भारत और वेनेज़ुएला में खाद्य कीमतों में इतना अंतर क्यों है?
A. आर्थिक स्थिति, मुद्रास्फीति, राजनीतिक अस्थिरता, और आपूर्ति की कमी के कारण इन दोनों देशों के बीच की खाद्य कीमतों में इतना अंतर देखनें को मिलता है।
Q. वेनेज़ुएला में खाद्य वस्तुओं के दाम भारत से 3 गुना ज्यादा क्यों हैं?
A. मुद्रा मूल्यहीनता, आर्थिक नीतियों, आपूर्ति की कमी और राजनीतिक संकट के चलते आपको वेनेज़ुएला में इतनी अधिक महँगाई देखनें को मिलती है।
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