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BCCI का फैसला : A+ हट सकता है, कोहली‑रोहित को डिमोशन का खतरा

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BCCI का फैसला : A+ हट सकता है, कोहली‑रोहित को डिमोशन का खतरा

हाल ही में, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा अपनी केंद्रीय करार प्रणाली यानी कि सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में एक विभिन्न प्रकार के बड़े बदलाव करने की तैयारी कर ली है, क्या आप जानते हैं कि बीसीसीआई का यह बदलाव भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों समेत पूरे टीम की संरचना को अधिक प्रभावित कर सकता है।

ख़बरों के अनुसार, BCCI “ग्रेड A+” श्रेणी को पूरी तरह समाप्त करने पर विचार कर रहा है अगर ऐसा होता है तो स्टार खिलाड़ियों की ग्रेड में कमी आ सकती है इन खिलाडियों की सूची में विराट कोहली और रोहित शर्मा का नाम शामिल है, इस बदलाव का सीधा असर हमें खिलाडियों की सैलरी पर देखनें को मिलेगा।

क्या है सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम?

प्रतिवर्ष BCCI द्वारा भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दिया जाता है यह एक वार्षिक अनुबंध है जिसमें खिलाड़ियों को सालाना रिटेनर और अतिरिक्त सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। आपको बीसीसीआई के इस सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में निम्नलिखित प्रकार की श्रेणी में रखा है जैसे कि :-

Ø  A+ (सबसे ऊँचा — लगभग ₹7 करोड़ प्रति साल)

Ø  A (लगभग ₹5 करोड़)

Ø  B (लगभग ₹3 करोड़)

Ø  C (लगभग ₹1 करोड़)

बीसीसीआई की इन ग्रेड के अलावा, भारत के हर खिलाड़ी को मैच खेलने की फ़ीस को भी दिया जाता है। बीसीसीआई अपने इस कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से बोर्ड खिलाड़ियों को नियमित इनकम देने के साथ ही साथ चोट चिकित्सा सहायता और बेहतरीन ट्रेनिंग सुविधाएं भी देता है।

A+ श्रेणी को खत्म करने का प्रस्ताव

रिपोर्ट्स के अनुसार, BCCI की चयन समिति द्वारा सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बदलाव करने के सुझाव पर बात की गई है, इस समिति का नेतृत्व पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज अजीत अगरकर कर रहे हैं। इस सुझाव में ग्रेड A+ को पूरी तरह हटा दिया जाएगा अब इसमें सिर्फ तीन श्रेणियों — A, B और C को ही रखा जाएगा।

इस बदलाव का मुख्य उधेश्य है वर्तमान क्रिकेट संदर्भ के अनुसार ग्रेडिंग करना है। ऐसा इसलिए क्योंकि जो भारतीय खिलाड़ी सिर्फ़ एक फॉर्मेट (जैसे ODI) खेल रहे हैं या सीमित क्रिकेट खेल रहे हैं, उन्हें उसी के हिसाब से उनकी श्रेणी दी जाये।

रोहित शर्मा और विराट कोहली पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली A+ श्रेणी में शामिल हैं, इसमें इन दोनों खिलाडियों को प्रतिवर्ष 7 करोड़ की धनराशी दी जाती है । अगर बीसीसीआई अपने कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव करता है तो Grade B में खिलाडियों के शामिल होने के कारण उन्हें लगभग ₹3 करोड़ के आसपास धनराशी दी जाएगी। इसका मतलब यह है कि अगर बदलाव लागू होता है, तो दोनों को करीब ₹4 करोड़ तक की वार्षिक कटौती का सामना करना पड़ सकता है।

बदले की वजहें: क्यों किया जा रहा है बदलाव?

BCCI के चयनकर्ताओं का सुझाव है कि सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में शामिल A+ ग्रेड का पुराना ढांचा काफी अधिक पुराना हो गया है, खासकर उन खिलाड़ियों के लिए जो भारत के लिए अब सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेलते हैं। बदलाव से यह ज्यादा परफॉर्मेंस‑ऑरिएंटेड और वर्तमान स्थिति के अनुकूल सिस्टम बन सकता है।

बीसीसीआई द्वारा लिए गए इस फैसले से भारत के प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहन देने में भी अधिक मदद मिल सकेगी। जब शीर्ष ग्रेड का ढांचा थोड़ा सीधा होगा, तो बोर्ड यह सुनिश्चित कर सकेगा कि सिर्फ सक्रिय और लगातार प्रदर्शन करने वाले किस भारतीय खिलाड़ी को उच्च केटेगरी में रखा जाए।

क्या ज़रूरी है यह बदलाव? विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

बीसीसीआई द्वारा सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में किए जाने वाले इस बदलाव को लेकर विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि BCCI केंद्रीय अनुबंधों में यह परिवर्तन खेल की वास्तविकता के अनुरूप किया जा रहा है। जहां पहले खिलाड़ियों को उनके करियर की प्रतिष्ठा और नाम के आधार पर ऊँचे ग्रेड में रखा जाता था, वहीं अब प्रदर्शन, वर्तमान फॉर्म और खेल की भागीदारी को अधिक प्राथमिकता दी जाएगी।

क्या यह बदलाव लागू हो गया है?

फिलहाल के लिए बीसीसीआई की तरफ से सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट को लेकर किसी भी प्रकार का कोई अधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और न ही नई सैलरी संरचना के बारे में कोई अंतिम निर्णय आया है। ग्रेड A+ को हटाने और अन्य संशोधनों की बात अनुशंसाओं के स्तर तक ही है, जिसे बोर्ड के अगली बैठक में अंतिम मंजूरी दी जानी है।

FAQs –

Q. BCCI ने किस बदलाव की योजना बनाई है?

A. A+ ग्रेड को हटाने हेतु

Q. कौन-से खिलाड़ी प्रभावित होंगे?

A. रिपोर्ट्स के मुताबिक़ विराट कोहली और रोहित शर्मा इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं

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