ट्रम्प का दावा: 200% टैरिफ के डर से रुका भारत-पाक युद्ध?
Donald Trump 11 Jet Claim India Pakistan News in Hindi: जैसाकि आपको पता है कि अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में वॉशिंगटन में आयोजित 'बोर्ड ऑफ पीस' कार्यक्रम में ट्रंप ने एक बार फिर दक्षिण एशियाई राजनीति में हलचल मचा दी है।
डोनाल्ड ट्रम्प का कहना है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष को रुकवाने के पीछे उनका 'आर्थिक हंटर' और व्यक्तिगत मध्यस्थता थी। बता दें कि डोनाल्ड ट्रम्प के इन बेबुनियादी दावों को सिरे से ख़ारिज कर दिया है।
Donald Trump 11 Jet Claim India Pakistan News
विमानों के आंकड़ों में 'कन्फ्यूजन'
क्या आपको पता है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण की सबसे दिलचस्प और विवादास्पद बात विमानों के गिरने की संख्या रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि इस टकराव में 11 लड़ाकू विमान मार गिराए गए थे।
जबकि आप डोनाल्ड ट्रम्प के पिछले कुछ महीनों के बयानों को देखोगे, तो आपको पता चलेगा कि ट्रम्प द्वारा करीबन 80 से अधिक बार इस घटना का जिक्र किया है, हैरान करने वाली बात यह है कि हर बार डोनाल्ड ट्रम्प ने विमानों के आंकड़ों को अलग-अलग बताया है।
- ख़बरों के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले 5 विमानों का जिक्र किया था।
- जैसे-जैसे समय बिताता गया, वैसे-वैसे विमानों की संख्या भी बदलती गई थी। बता दें कि समय के साथ विमानों की संख्या 7, 8, 10 और अब 11 तक जा पहुंची है।
ट्रम्प ने अपने भाषण में क्या कहा?
ट्रंप ने कहा, "जब बहुत सारा पैसा डूबने की बात आई तो उन्हें लगा कि हमें नहीं लड़ना चाहिए। 11 जेट मार गिराए गए थे, जो बहुत महंगे थे।" हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस देश के कितने विमान गिरे, जो उनके दावों की विश्वसनीयता पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाते हैं।
कूटनीति या व्यापारिक युद्ध की धमकी?
आपको जानकर हैरानी होगी कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केवल सैन्य मध्यस्थता का ही श्रेय नहीं लिया, बल्कि 'आर्थिक दबाव' को अपनी सबसे बड़ी जीत बताया है। साथ ही साथ, ट्रम्प ने इस बात भी दावा किया है कि उनके द्वारा दोनों देशों के नेताओं को फ़ोन पर बातचीत के माध्यम से चेतावनी दी गई थी।
ऐसा कहा जाता है कि ट्रम्प ने फ़ोन पर बातचीत के दौरान दोनों देशों के नेताओं से यह कहा था कि अगर वह जल्द इस संघर्ष को नहीं रोकते हैं, तो अमेरिका दोनों देशों के साथ ट्रेड डील को कैंसिल कर देगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि वह दोनों देशों पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगा देंगे।
ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्ते टूटने और भारी टैक्स के डर के चलते दोनों देशों ने संघर्ष को पूरी तरह से रोक दिया था। यह बयान ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति और व्यापार को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की पुरानी शैली को दर्शाता है।
पीएम मोदी का जिक्र और भारत का कड़ा रुख
भाषण के दौरान ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया और दावा किया कि पीएम मोदी इस कार्यक्रम को देख रहे हैं। उन्होंने कहा, "मेरी प्रधानमंत्री मोदी से बात हुई है। वह उत्साहित हैं और अभी हमें देख रहे हैं।"
ट्रम्प के विवादित बयान को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय साफ तौर पर कहना है कि पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दे द्विपक्षीय हैं और इसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई जगह नहीं है।
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मई 2025 के 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद हुए युद्धविराम को लेकर भारत सरकार ने स्पष्ट किया था कि यह दोनों देशों के DGMOs यानी सैन्य संचालन महानिदेशक के बीच सीधे संवाद का परिणाम था। सरकार का यह भी कहना है कि युद्धविराम को लेकर भारत पर किसी भी प्रकार कोई दवाब नहीं था।
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