इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का शानदार समापन, 70 देशों ने साझे बयान पर किए हस्ताक्षर
India AI Impact Summit 2026 Concludes: भारत की राजधानी नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने बड़ी सफलता के साथ अपने कार्यक्रम का समापन कर लिया है। इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर की टेक कंपनियों, सरकारों और विशेषज्ञों ने भाग लिया और बड़ा निवेश तथा वैश्विक समर्थन मिलने की चर्चाएँ सामने आई हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस समिट में 70 से अधिक देशों ने दिल्ली घोषणापत्र पर अपना समर्थन दर्ज कराया है, जिसमें वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित, जिम्मेदार और मानव-केंद्रित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हुए हैं। यह संख्या और आगे बढ़ने की उम्मीद जताई गई है तथा अधिकांश प्रमुख देशों ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं।
दिल्ली घोषणापत्र पर वैश्विक समर्थन
इस समिट में 70 से ज्यादा देशों ने दिल्ली घोषणापत्र पर अपनी सहमति जताई है। यह दस्तावेज़ दुनियाभर के देशों के बीच एआई के नियम, सहयोग और नैतिक रूप से तकनीक के उपयोग को लेकर एक साझा दिशा निर्धारित करता है। कई देश अभी भी इस पर हस्ताक्षर कर रहे हैं, जिससे इसकी संख्या 80 से ऊपर जाने की उम्मीद है।
एआई समिट 2026 में विदेशी निवेश के बड़े वादे
समिट के दौरान बुनियादी ढांचे के लिए लगभग 250 अरब डॉलर यानी कि करीब ₹20 लाख करोड़ से अधिक का निवेश मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा 20 अरब डॉलर से ज्यादा वेंचर कैपिटल और डीप-टेक निवेश की भी बात सामने आई है। इससे भारत में एआई तकनीक के लिए डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग संसाधन और अनुसंधान-विकास जैसे क्षेत्र में भारी निवेश होगा।
बड़ी संख्या में भागीदारी
इस एआई समिट में 5 लाख से भी अधिक लोग आए जिसमें शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ, छात्र, सरकारी प्रतिनिधि और निवेशक शामिल थे। वैश्विक स्तर पर एआई कंपनियों और विशेषज्ञों ने भी इसमें हिस्सा लिया, जिससे भारत का एआई नेतृत्व की दिशा में विश्वास बढ़ा है।
अश्विनी वैष्णव के शब्द
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने India AI Impact Summit 2026 Concludes को “भव्य सफलता” कहा। उन्होंने मीडिया को बताते हुए कहा कि यह समिट कई मायनों में सफल रही है और दुनिया ने भारत की एआई नेतृत्व क्षमता पर भरोसा दिखाया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी प्रमुख एआई देशों ने घोषणापत्र पर सहमति जताई है और निवेश व समर्थन की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।
उनके अनुसार समिट ने भारत को वैश्विक स्तर पर एआई तकनीक की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाने वाला देश बनाया है।
AI मिशन 2.0 की तैयारी
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार अब AI Mission 2.0 पर काम शुरू करेगी, जो पहले के मिशन से भी बड़ा और व्यापक होगा। इसका लक्ष्य एआई के विकास, सुरक्षा और नियमन को और मज़बूत बनाना है। इस योजना से भारत में एआई तकनीक और शोध के लिए नई दिशा मिलेगी।
इंडिया एआई समिट 2026 की ऐतिहासिक सफलता
India AI Impact Summit 2026 ने न केवल भारत को तकनीकी नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाया है, बल्कि दुनिया को एक साझा एआई भविष्य के लिए साथ लाने में भी बड़ी भूमिका निभाई है।
विदेशी निवेश, बड़े देशों का समर्थन और साझा घोषणापत्र इसे एक ऐतिहासिक सफलता बनाते हैं। भारत ने इस समिट के ज़रिए वैश्विक मंच पर अपनी एआई क्षमता को मजबूती से पेश किया है।
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FAQs
1. इंडिया एआई समिट 2026 का समापन कब हुआ?
उत्तर- इस समिट का समापन 20 फरवरी को सफलतापूर्वक हुआ।
2. कितने देशों ने दिल्ली घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए?
उत्तर- 70 से अधिक देशों ने संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए।
3. एआई समिट में कितने निवेश की घोषणा हुई?
उत्तर- लगभग 250 अरब डॉलर से अधिक बुनियादी ढांचे और 20 अरब डॉलर डीप-टेक निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई।
4. अश्विनी वैष्णव ने समिट को क्या बताया?
उत्तर- उन्होंने इसे कई मायनों में “भव्य सफलता” बताया और कहा कि भारत AI क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है।
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