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गंभीर की डिजिटल वॉर: AI डीपफेक पर ₹2.5 करोड़ का महा-मुकदमा!

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गंभीर की डिजिटल वॉर: AI डीपफेक पर ₹2.5 करोड़ का महा-मुकदमा!

Gautam Gambhir AI Deepfake Case News in Hindi : क्या आप जानते हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व विश्व कप विजेता गौतम गंभीर एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार मैदान क्रिकेट का नहीं, बल्कि दिल्ली हाई कोर्ट का है। गंभीर ने अपनी पहचान के गलत इस्तेमाल और AI (Artificial Intelligence) के बढ़ते खतरों के खिलाफ एक बड़ी कानूनी जंग छेड़ दी है।

Gautam Gambhir AI Deepfake Case News in Hindi

मामला क्या है?

खबरों के अनुसार, गौतम गंभीर ने दिल्ली हाई कोर्ट के व्यापारिक विभाग में हर्जाने और रोक का मुकदमा दर्ज किया है। गौतम गंभीर की मुख्य शिकायत यह है कि उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, चेहरे और आवाज का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें तीन प्रमुख मुद्दे शामिल हैं, जिसे आप निम्नलिखित तीन बिंदुओं के माध्यम से अच्छे से समझ सकते हो –

  1. AI डीपफेक: ताजा खबरों के मुताबिक, ऐसा पता चला है कि आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के जरिए उनके चेहरे और आवाज को बदलकर फर्जी वीडियो बनाया गया है।
  2. गलत सूचना: इस Deepfake विडियो में दिखाया गया है कि गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया पर उनके इस्तीफे और साथी खिलाड़ियों पर विवादित टिप्पणियां की थी।
  3. अनधिकृत व्यापार: गौतम गंभीर ने बिना उनकी परमिशन के ई-कॉमर्स साइट्स पर उनकी फोटो वाले पोस्टर और मर्चेंडाइज को बेचना अनुचित बताया है।

फर्जी कंटेंट से जुड़े चौंकाने वाले आंकड़े

इस पूरे विवाद के बाद, टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर की लीगल टीम का ऐसा कहना है कि 2025 के बाद से ही उनके खिलाफ फर्जी कंटेंट का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। कुछ उदाहरणों ने तो इंटरनेट पर तहलका मचा दिया था:

  • गंभीर के इस्तीफे का फर्जी वीडियो: हैरान कर देने वाली बात यह है कि एक वीडियो इस बात का भी दावा किया जा रहा है कि गौतम गंभीर ने हेड कोच पद से इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं, इस फेक विडियो को करीबन 29 लाख लोगों ने देखा है।
  • गंभीर का सीनियर खिलाड़ियों पर कमेंट: एक अन्य डीपफेक क्लिप, जिसमें उन्हें विराट कोहली या अन्य सीनियर खिलाड़ियों पर टिप्पणी करते दिखाया गया, उसे 17 लाख व्यूज मिले।

किन पर हुआ है केस?

इस AI Deepfake मामले में गंभीर ने केवल वीडियो बनाने वालों को ही नहीं, बल्कि उन प्लेटफॉर्म्स को भी घेरा है जहाँ यह कंटेंट फैलाया जा रहा है।

  • सोशल मीडिया अकाउंट्स: 'जैनकी फ्रेम्स', 'भूपेंद्र पेंटोला', और 'लीजेंड्स रेवोल्यूशन' जैसे हैंडल्स।
  • टेक दिग्गज: मेटा (Facebook/Instagram), एक्स (Twitter), और गूगल (YouTube)।
  • ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स: ऐमेजॉन (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) - जहाँ उनके नाम के प्रोडक्ट बिक रहे थे।
  • सरकारी विभाग: आपको बता दें कि आईटी मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी पार्टी बनाया गया है ताकि आदेश का पालन सुनिश्चित हो सके।

कानूनी दांव-पेच और पर्सनैलिटी राइट्स क्या है?

ऐसा कहा जा रहा है कि गौतम गंभीर ने इस केस में 'पर्सनैलिटी राइट्स' का हवाला दिया है। क्या आपको पता है कि पर्सनैलिटी राइट्स क्या होता है? जिसकी मदद लेकर इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने भारत की बड़ी – बड़ी कंपनियों की नींदे उड़ा दी है।  

पर्सनैलिटी राइट्स के अनुसार, किसी भी मशहूर व्यक्ति की शोहरत, चेहरा और आवाज उसकी अपनी संपत्ति है, जिसे कोई दूसरा बिना इजाजत इस्तेमाल नहीं कर सकता।

  • इन कानूनों का सहारा लिया: कॉपीराइट एक्ट 1957, ट्रेडमार्क एक्ट 1999, और कमर्शियल कोर्ट एक्ट।
  • पुराने उदाहरण: उन्होंने अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर के उन ऐतिहासिक फैसलों का उल्लेख किया है, जहाँ कोर्ट ने उनकी पहचान को सुरक्षित रखने का आदेश दिया था।

गंभीर ने कोर्ट से क्या मांगे की?

गौतम गंभीर ने कोर्ट से निम्नलिखित मांगें की हैं:

  1. ₹2.5 करोड़ का जुर्माना: गौतम गंभीर का कहना है कि उनके सम्मान को ठेस पहुंची है, इसलिए उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि दोषियों पर 2.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाए।
  2. कंटेंट हटाना: गौतम गंभीर ने कोर्ट से यह भी कहा है कि सभी फर्जी वीडियो और विज्ञापनों को तुरंत इंटरनेट से डिलीट किया जाए।
  3. भविष्य पर रोक: इस प्रकार के गलत विडियो पर तुरंत रोक लगाई जाए। ताकि, आगे से बिना किसी व्यक्ति की परमिशन के उनके चेहरे, नाम या आवाज का इस्तेमाल किसी भी व्यावसायिक उद्देश्य के लिए न हो।

निष्कर्ष

यह मामला भारत में AI के बढ़ते खतरों और डीपफेक के खिलाफ एक बहुत बड़ा उदाहरण बनने वाला है। अगर दिल्ली हाई कोर्ट गंभीर के पक्ष में फैसला सुनाता है, तो यह सोशल मीडिया कंपनियों और AI का गलत इस्तेमाल करने वालों के लिए एक कड़ी चेतावनी होगी।

अक्सर आपके द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) –

प्रश्न : गौतम गंभीर ने किस पर और क्यों केस किया है?

उत्तर : ख़बरों के अनुसार, गंभीर ने अपनी पहचान (नाम, चेहरा, आवाज़) का गलत इस्तेमाल करने वाली 16 कंपनियों और सोशल मीडिया हैंडल्स पर केस किया है, क्योंकि वे AI डीपफेक और फर्जी वीडियो के जरिए उन्हें बदनाम कर रहे थे।

प्रश्न : गंभीर ने कोर्ट से कितने हर्जाने की मांग की है?

उत्तर : ऐसा बताया जा रहा है कि इस AI Deepfake Video मामले में, उन्होंने अपने मान-सम्मान को पहुंचे नुकसान की भरपाई के लिए आरोपियों से ₹2.5 करोड़ के हर्जाने की मांग की है।

प्रश्न : 'पर्सनैलिटी राइट्स' क्या है?

उत्तर : यह एक कानूनी अधिकार है, जिसके तहत कोई भी मशहूर व्यक्ति अपनी अनुमति के बिना अपने नाम, फोटो या आवाज का व्यावसायिक इस्तेमाल करने से दूसरों को रोक सकता है।

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