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दिल्ली हिंसा के बीच आयी ये तस्वीरें, आपका इंसानियत पर विश्वास बढ़ा देंगी

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दिल्ली हिंसा के बीच आयी ये तस्वीरें, आपका इंसानियत पर विश्वास बढ़ा देंगी

मशहूर शायर बशीर भद्र का एक शेर है; 'लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में'

ये शेर आज के हालात पर एकदम सटीक है। दिल्ली में हुई हिंसा में सैकड़ों लोगों के घर जल गए करीब 3 दर्जन से ज्यादा परिवार वालों ने अपने घरों के चिरागों को खो दिया। जहाँ कल तक बच्चे खेलते थे वहां आज लाशों का ढेर लगा हुआ है। जिस आँगन में लोग हँसते खेलते थे वहां नफरत का सन्नाटा पसरा हुआ है। जिन सड़कों को बनने में इतना वक़्त लगा वो महज़ कुछ दिनों में मलबे का ढेर हो गयी। बच्चों के स्कूलों को नफरत की आग निगल गयी।

सोशल मीडिया पर भी लोग इस आग को बढ़ाने का ही काम कर रहें हैं, हर कोई अपनी तरफ से इस हिंसा को दूसरे पक्ष की गलती मान रहा है, हर कोई हिंसा की तस्वीर शेयर कर रहा है।

पर हम आज लायें हैं आपके लिए दिल्ली के दंगो की बीच से आई कुछ ऐसी तस्वीरें, जिन्हें देखकर आपका इंसानियत पर  विश्वास दोबारा जाग उठेगा।

1. जब मुसलमानों ने मंदिर को बचाने की खायी कसम

 

जहाँ लोग इन  दंगों  में  एक दूसरे के धार्मिक स्थलों को नुक्सान पहुंचा रहे हैं वहीं  एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक व्यक्ति बता रहा है कि, ये सारी गली मुसलमानो  कि है पर यहाँ एक घर पंडित जी का है। 

पंडित जी भी इस वीडियो में दिख रहें हैं उन्ही के घर के बगल में एक मंदिर है, सारे मुस्लिम व्यक्ति पंडित जी को आश्वासन दे रहें कि वो मरते दम तक इस मंदिर कि रक्षा करेंगे। साथ ही पंडित जी भी लोगों से अपील करते हैं, अफवाहें न फैलाएं और न ही किसी के धार्मिक स्थल को नुक्सान पहुचाएं।

2. जब हिन्दुओं ने दंगाइयों से बचाया

दिल्ली के श्याम विहार इलाके में जब दंगा बहुत बढ़ गया तो इलाके के मुसलमान लोगों कि जान पर बन आयी। इस मुसीबत के वक़्त उनके हिन्दू पड़ोसियों ने उनको अपने घर में शरण दे दी। करीब 25 मुस्लिम परिवारों को इस तरह लोगों ने शरण दी, सुबह जब पुलिस आई तब ही इन लोगों को  मुस्तफाबाद अस्पताल ले जाया गया।

ये घटना ट्विटर पे कवलप्रीत कौर ने शेयर की है।

3. जब दोस्त की मौत पर रो पड़े शाहबाज़

श्याम विहार के एक व्यक्ति थे राहुल सोलंकी उम्र 26 साल, राहुल गाज़ियाबाद से लॉ की पढाई कर रहे थे, दंगे वाले दिन वो अपने घर से दूध लेने निकले थे और रास्ते में ही किसी ने उनपर गोली चला दी, गोली उनके कंधे पर लगी, और उनकी मौत हो गयी।

जब उनके दोस्त को ये खबर पता चली तो वो फूट फूटकर रोने लगे। इनकी एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें  शाहबाज़  अपने दोस्त विकास के गले लग के रो रहें हैं और अपने दोस्त के जाने का गम मना रहें हैं।

इन दोनों की  दोस्ती को देखकर कह सकते हैं की दोस्ती में हिन्दू-मुसलमान नहीं होता। 

4. बिरयानी तुम खिलाओ हलवा हम खिलाएंगे

 

दिल्ली के लक्ष्मी नगर का एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है। इसमें एक भीड़ में कुछ लोग दिखाई दे रहें हैं और हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में है भाई भाई के नारे लगा रहें हैं।

ये लोग एक दूसरे से कहते हैं की एक साथ रहना है और लड़ना नहीं है, तभी बीच में एक व्यक्ति कहता है बिरयानी तुम खिलाओ हलवा हम खिलाएंगे और ये सुन के सब लोग तालियां बजाने लग जाते हैं।

5. जब दोस्त को बचाने में झुलस गए प्रेमकांत

 

दिल्ली के शिव विहार इलाके  में दंगाई पेट्रोल बम से लोगों के घर में आग लगा रहे थे। तभी ये आग प्रेमकांत के मुस्लिम दोस्त के घर में लग गयी, प्रेमकांत ये खबर सुन के उनको बचाने चले गए उन्होंने 6 सदस्यों को बचा लिया था परन्तु अपने दोस्त की माँ को बचने में  वो 70% जल गए और एम्बुलेंस न मिलने की वजह से  रात भर अपने घर में ही तड़पते रहे। 

सुबह ही उनको अस्पताल ले जाया गया, प्रेमकांत ने कहा उनके दोस्त की माँ बच गयी इसलिए वो खुश हैं।अभी उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

6. जब मुस्लिम बोले हमारी लाश से गुजर के जाना पड़ेगा

दिल्ली के भागीरथी विहार के इलाके में कई हिन्दू मुस्लिम एक ही गली में रहते हैं। दंगे वाले दिन एक भीड़ हिन्दुओं पर हमला करने के लिए आमादा थी। पर इस गली के मुस्लिम लोग दिवार बनके भीड़ के आगे खड़े हो गए। 

इस इलाके में रहने वाले हासिम और डॉक्टर फरीद तथा अन्य मुसलमानों ने भीड़ से कहा अगर उन्हें अंदर जाना है तो हमारी लाश से गुजरना होगा। ये सुनके भीड़ के हौंसले ठन्डे पड़ गए और एक कत्लेआम होने से बच गया।

7. अपना ही मोहल्ला है डरते क्यों हो!

 

ट्विटर पर ये वीडियो वायरल हो रहा है, ये दिल्ली में किस इलाके का है ये कहना कठिन है। पर इसमें कुछ मुस्लिम लोग काफी डरे हुए दिख रहें हैं तब कुछ हिन्दू लोग उनसे कहते हैं 'अपना ही मोहल्ला है डरते क्यों हो'! और उन लोगों से आग्रह करते है की अपने अपने घरों में चले जाए।

साहिर लुधियानवी की एक कविता का छंद है जिसमे उन्होंने लिखा है;

"इस लिए ऐ शरीफ़ इंसानो

जंग टलती रहे तो बेहतर है

आप और हम सभी के आँगन में

शम्अ' जलती रहे तो बेहतर है।"

भारत को आगे बढ़ाने के लिए हमे ऐसी जंगों को न कहना होगा।

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