क्यों पीएम मोदी पर ट्रंप के दावे से भारत में हलचल तेज हुई?
जैसाकि आपको पता होगा कि हाल में अमेरिका द्वारा वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा प्रतिदिन नए बयानों को जारी किया जा रहा हैं। ऐसा ही कुछ डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत के लिए बोला है। डोनाल्ड ट्रम्प के इस बयान के बाद भारत और मोदी सरकार थोड़ी असहज दिखाई दे रही हैं।
मोदी की ट्रम्प के इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया रही
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दिए गए इस बयान के बाद भारत में चर्चा हो रही हैं। अब देखना यह होगा कि क्या भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा डोनाल्ड ट्रम्प के इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया देंगे?
इस बयान के बाद भारतीय राजनीति में अधिक हलचल देखनें को मिल रही हैं, क्योंकि भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के ट्विटर अकाउंट से एक विडियो को पोस्ट करते हुए लिखा गया है कि "डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनाने के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिना आमंत्रित के अमेरिका चले गए थे।
ट्रम्प का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मुझसे पूछा गया था कि "सर, मैं आपसे मिलने आ सकता हूँ प्लीज। जिसपर ट्रम्प ने कहा कि हाँ, आप मुझसे मिलने आ सकते हैं। क्या आपको पता है कि पूरी दुनिया में सिर्फ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऐसे नेता हैं, जिन्हें ट्रम्प खुद गेट पर लेने आते हैं।
फिलहाल अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान पर भारत सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई हैं। बहुत से लोगों का कहना है कि भारत इस बयान पर सीधी प्रतिक्रिया देने से बचना चाहता हैं।
ट्रम्प ने भारत में लगे टैरिफ़ को लेकर क्या कहा
डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा इससे पहले भी कई बार भारत को लेकर कई बयान दिए जा चुकें हैं। जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत को लेकर लगातार मिले-जुले संकेत देते रहें हैं। मंगलवार यानी कि 06 जनवरी 2026 को अमेरिकी पत्रकारों को कहा था कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए ऊँचे टैरिफ को लेकर नरेन्द्र मोदी उनसे नाराज हैं।
साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा है कि ओदी रूसी तेल की खरीद पर उनकी नाराज़गी के बारें में सबको पता हैं। डोनाल्ड ट्रम्प बहुत जल्द भारत पर लगे टैरिफ को और भी अधिक बढ़ा सकते हैं। ट्रम्प ने बोला है कि यह भारत के लिए बहुत बुरा होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति की इन टिप्पणियों को देखकर कहा जा रहा है कि क्या ट्रम्प भारत के प्रति टकराव वाला रुख़ बनाए रखना चाहते हैं। या फिर डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते को तेज़ी से आगे बढ़ाना चाहते हैं।
भारत और रूस के तेल आयात पर बढ़ते टैरिफ का क्या प्रभाव रहा
कुछ समय पहले अमेरिकी मीडिया आउटलेट ब्लूमर्बग ने लिखा है कि "दिसंबर में रूस से भारत का तेल आयात जून में 21 लाख बैरल प्रतिदिन के उच्चतम स्तर से 40% घट गया था। इसको डोनाल्ड ट्रम्प के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि माना गया था। इतना ही नहीं, उनके द्वारा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की युद्ध मशीन तक नकदी के प्रवाह को रोकने और यूक्रेन संघर्ष को सम्पूर्ण रूप से खत्म करने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रयासों को तेज कर दिया था।
क्या आपको पता है कि वर्ष 2024 में भारत द्वारा अमेरिका को 87.4 अरब डॉलर के सामान का निर्यात किया गया था। या निर्यात देश की कुल निर्यात का लगभग पाँचवाँ हिस्सा ही था।
कैनेडी सेंटर में हाउस रिपब्लिकन्स में ट्रम्प ने क्या बोला
अमेरिका के राष्ट्रपति ने कैनेडी सेंटर में हाउस रिपब्लिकन्स के एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिकन लड़ाकू विमानों और टैरिफ़ को बात करते हुए भारत और उनके माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए कुछ बातें की हैं। जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत काफी लंबे समय से Boeing AH-64 Apache हेलीकाप्टर के लिए इंतजार कर रहा था। भारत द्वारा 68 Apache हेलीकॉप्टरों को आर्डर किया गया था।
भारत पर लगाए गए टैरिफ के बाद, उसनें रूस से तेल के आयात को काफी हद तक कम कर दिया हैं। भारतीय मीडिया द्वारा इस बात को गलत बताया जा रहा हैं। न्यूज़ मीडिया कहा है कि 68 नहीं बल्कि भारत द्वारा 28 हेलीकॉप्टरों को आर्डर किया गया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा इससे पहले भारत-पाकिस्तान तनाव पर भी दखल दिया गया था। जिसकों भारत ने पूर्ण रूप से ख़ारिज कर दिया था। भारत सरकार की नीति रही हैं कि वह कश्मीर के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का दखल स्वीकार नहीं करेंगे।
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