बजट 2026 का विश्लेषण: क्या हैं देश के मध्यम वर्ग के लिए 7 बड़ी चुनौतियाँ?
1 फरवरी, 2026 को भारत की वित्तीय मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा Budget 2026 को अधिकारिक तौर पर पेश किया गया था। भारत सरकार के इस बजट में देश के कुछ क्षेत्रों में सुधार के लिए कार्य करने की बात कही गई थी।
इसके अलावा, भारत के मध्यम वर्ग के करदाताओं और छोटे निवेशकों के लिए कुछ ऐसे बदलाव करने पर भी जोर दिया गया है, जिसकी वजह से उनकी वित्तीय योजना पर अधिक प्रभाव पड़ सकता है। आज हम आपको अपने इस लेख में उन 7 मुख्य बिंदुओं के बारें में समझाएंगे, जो आपकी जेब पर भारी पड़ने वाले हैं:
1. टैक्स स्लैब में कोई बड़ी राहत नहीं
भारत सरकार के इस बजट से सबसे अधिक उम्मीद देश के मध्यम वर्ग के लोगों को थी, उनको उम्मीद थी कि इनकम टैक्स देने की समय सीमा को बढ़ा दिया जाएगा, और टैक्स रेट में भी विभिन्न प्रकार की छूट दी जाएगी।
फ़िलहाल, इस बजट के पेश होने के बाद मध्यम वर्ग के लोगों की इन उम्मीदों पर पानी फिरता हुआ नजर आ रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बजट में नई टैक्स व्यवस्था में मामूली बदलावों के बावजूद, पुरानी टैक्स व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किए गए हैं।
आजकल की बढ़ती महंगाई को देखते हुए टैक्स स्लैब में किसी भी प्रकार की कोई छूट न देना आम जानता को परेशान कर सकता है। अक्सर यह देखा गया है कि किसी भी नागरिक की बढ़ी हुई सैलरी का बड़ा हिस्सा टैक्स में ही चला जाता है।
2. शेयर बाजार में निवेश पर STT की मार
अगर आप अधिक शेयर बाजार में सक्रिय रूप से निवेश या ट्रेडिंग करना पसंद करते हैं, तो भारत सरकार यह बजट आपके लिए बहुत अधिक महंगा साबित हो सकता है। Budget 2026 में भारत सरकार द्वारा सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में भारी बढ़ोतरी की है, जिसे आप निम्नलिखित बिंदुओं से समझ सकते हैं:
- फ्यूचर्स: इस बजट से पहले आपको फ्यूचर ट्रेडिंग करने के लिए 0.02% टैक्स का भुगतान करना होता था, जो अब आपको 0.05% करना होगा।
- ऑप्शंस: भारत सरकार द्वारा पेश कए गए इस बजट में आप्शन प्रीमियम पर दर 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है। इस बात का सीधा मतलब यह है कि अब हर बार जब आप शेयर बेचेंगे या ट्रेडिंग करेंगे, तो आपका मुनाफा कम होगा और लागत बढ़ जाएगी।
3. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर टैक्स का झटका
पिछले कई वर्षों से देश के मध्यम वर्ग के लोगों के लिए सोने में निवेश करना सबसे अधिक सुरक्षित और फायदेमंद माध्यम सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड यानी की SGB को माना गया है। बजट 2026 के पेश होने से पहले मैच्योरिटी तक इसे रखने पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था।
लेकिन बजट 2026 के नए नियमों के लागू होने के बाद, यदि आप सेकेंडरी मार्केट से SGB खरीदते हैं, तो मैच्योरिटी पर होने वाले लाभ को अब 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स का भुगतान करना होगा।
4. शेयर बायबैक (Share Buyback) अब टैक्स के दायरे में
क्या आप इस बात को जानते हैं कि देश की सभी बड़ी कंपनियां जब अपने शेयर वापस खरीदती हैं, तो निवेशकों को इससे अधिक लाभ मिलता था। इस नए बजट के पेश होने से पहले टैक्स कंपनी चुकाती थी, लेकिन अब इसे सीधे तौर पर एक निवेशक की आय से लिया जाएगा।
बजट 2026 के अनुसार, अब देश के सभी शेयरधारकों बायबैक से मिलने वाले पैसे पर अपने टैक्स स्लैब को ध्यान में रखते हुए टैक्स का भुगतान करना होगा। ऐसा करने से निवेशकों के हाथ में आने वाली नेट रकम कम हो जाएगी।
5. निवेश पर मिलने वाले लाभ से ब्याज कटौती का अंत
यदि आपने भारत सरकार के वित्तीय विभाग द्वारा पेश किए गए इस बजट के बारें में पढ़ा होगा, तो आपको देखनें को मिलेगा कि यह एक बहुत ही तकनीकी लेकिन महत्वपूर्ण बदलावपूर्ण बजट है।
बजट पेश होने से पहले, यदि आप पैसा उधार लेकर म्यूचुअल फंड या शेयर में निवेश करते थे, तो उस कर्ज पर दिए जाने वाले ब्याज को आप अपनी आय में से देना होता था।
वर्ष 2026 के इस बजट के अनुसार, भारत ने इस कटौती को पूरी तरह से समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है। इससे निवेश की कुल लागत बढ़ जाएगी।
6. शराब और लग्जरी सेवाओं पर बढ़ता टैक्स
भारत सरकार ने अपने इस बजट में शराब और लग्जरी सेवाओं के लिए अधिक सख्ती दिखाई है। वित्तीय मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने TCS (Tax Collected at Source) के नियमों को सख्त करने के बारें में कहा है। भारत में बिकने वाली शराबों की बिक्री पर लगने वाले TCS को 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया गया है।
शराब पर लगने वाले TCS को बढ़ाने के अलावा, विदेशों से आने वाली लग्जरी घड़ियाँ, चश्मे और अन्य हाई-एंड सामानों पर सीमा शुल्क को भी बढ़ा दिया गया है। इससे मध्यम वर्ग के लिए अपनी जीवनशैली को अपग्रेड करना और भी महंगा होगा।
7. कॉफी और वेंडिंग मशीनों पर ड्यूटी में वृद्धि
यदि हम देश के एक आम नागरिक के रोजमर्रा के खर्चों की बात करें तो बजट में कॉफी रोस्टिंग, ब्रूइंग और वेंडिंग मशीनों पर मिलने वाली छूट वापस ले ली गई है।
पहले जहाँ इन मशीनों पर प्रभावी आयात शुल्क 7.5% था, परन्तु अब इसे बढ़ाकर 10% कर दिया गया है। इसका असर यह होगा कि आपके ऑफिस की कॉफी या कैफे में मिलने वाली कॉफी के दाम बढ़ सकते हैं।
FAQs –
Q. क्या Budget 2026 में इनकम टैक्स स्लैब बदले गए हैं?
A. नहीं, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
Q. Budget 2026 से सबसे ज़्यादा किसे नुकसान होगा?
A. मिडिल-क्लास टैक्सपेयर्स और छोटे निवेशकों को।
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