Indian Athletics World Records: भारतीय एथलेटिक्स में इतिहास के सबसे बड़े रिकॉर्ड
Indian Athletics World Records in Hindi :- भारत के सबसे अधिक पंसदीदा खेल की बात करें तो वर्तमान समय के अनुसार, क्रिकेट इस सूची में सबसे आगे दिखाई देगा। क्रिकेट के अलावा भी भारत में एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ भारत हमेशा से ही अपने तिरंगे को लहराता रहा है। भारत ने एथलेटिक्स के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए काफी अधिक लंबा समय व्यतीत किया है।
क्या आपको पता है कि भारत के कई एथलीट्स के नाम विभिन्न प्रकार की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हैं। आज हम आपको अपने इस लेख में Indian Athletics World Records के बारें में विस्तारपूर्वक जानकारी देंगे। जिनके बारें में शायद ही आप कुछ जानते होंगे।
Indian Athletics World Records
हिमा दास ने रचा 400 मीटर दौड़ में इतिहास
वर्ष 2018 में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था। इस प्रतियोगता में भारतीय महिला ट्रैक एथलीट ने एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड को तोड़ा था। इस भारतीय महिला ट्रैक एथलीट का नाम हिमा दास है। इन्होनें इस प्रतियोगिता में 400 मीटर दौड़ में तीसरा स्थान हासिल करते हुए भारतीय रिकॉर्ड स्थापित किया था।
इतना ही नहीं, इस उपलब्धि के बाद, हिमा दास को भारतीय एथलीटों के लिए प्रेरणा माना गया था। हिमा दास के इस प्रदर्शन ने सम्पूर्ण दुनिया में भारतीय खेलों की पहचान को और अधिक मजबूत बनाने में मदद की थी।
2016 रिओ ओलिंपिक में साक्षी ने जीता मेडल
जब भी भारत द्वारा ओलिंपिक में जीते गए मेडल की बात होगी तो आपको इस सूची में साक्षी मलिक का नाम ज़रूर देखनें को मिलेगा। साक्षी मलिक एक भारतीय कुश्ती पहलवान हैं। साक्षी ने वर्ष 2016 के रिओ ओलिंपिक में भारत को कुश्ती में ब्रॉन्ज मेडल दिलवाया था।
साक्षी मलिक के इस मेडल के बाद भारतीय एथलेटिक्स को एक नई दिशा मिली थी। इतना ही नहीं, साक्षी के इस मेडल ने भारतीय खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर के रूप में कार्य किया था।
साक्षी मलिक का यह ब्रॉन्ज मेडल भारत की सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत माना है। इनकी इस उपलब्धि ने भारतीय कुश्ती को दुनियाभर में एक अलग पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई हैं। साक्षी के इस प्रदर्शन ने दुनियाभर में संकेत दिया है कि महिलाएं भी किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती है।
गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा
अगर आप ट्रैक क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से निरंतर अच्छे प्रदर्शन की बात करें तो इसका क्रेडिट भारत के नीरज चोपड़ा को जाता है। इन्होनें भारत को एथलेटिक्स क्षेत्र में भारत को एक अलग पहचान दिलाई है। वर्ष 2020 के टोक्यो ओलिंपिक में नीरज चोपड़ा ने भारत के लिए गोल्ड मेडल हासिल किया था। नीरज चोपड़ा के इस प्रदर्शन को भारत के साथ ही साथ सम्पूर्ण दुनिया में सहारा गया था।
इस प्रतियोगता में नीरज चोपड़ा द्वारा ट्रैक और फील्ड (भाला फेंक) प्रतियोगता में 87.58 मीटर का रिकॉर्ड थ्रो फेंका गया था। इस थ्रो के बाद इनका गोल्ड मेडल सुनिश्चित हो गया था। वर्तमान समय में नीरज चोपड़ा को देश के युवाओं का आदर्श माना जाता है।
2020 के बाद भी विभिन्न प्रतियोगता में नीरज चोपड़ा भारत को पदक दिलाते रहे हैं। यह सब उनकी कड़ी मेहनत और खेल के प्रति खुदका समर्पण है। नीरज चोपड़ा के इस प्रदर्शन ने दुनियाभर में यह संकेत दिया है कि भारत में ट्रैक क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करके मेडल प्राप्त कर सकता है।
मिल्खा सिंह ने ट्रैक फील्ड में दिलाई भारत को अलग पहचान
अगर हम भारत की ट्रैक फील्ड में सफलता को देखें तो उसमें मिल्खा सिंह का नाम सबसे पहले देखने को मिलेगा। मिल्खा सिंह भारतीय ट्रैक फील्ड का एक ऐसा नाम है जिसमें भारत को अंतरराष्ट्रीय खेलों में एक अलग पहचान दिलाई थी। क्या आप जानते है कि मिल्खा सिंह को "Flying Sikh" के नाम से भी जाना जाता है।
मिल्खा सिंह ने वर्ष 1960 के रोम ओलिंपिक में 400 मीटर में दौड़ते हुए चौथा स्थान हासिल किया था। वह समय के अनुसार, यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक पल था। मिल्खा सिंह के इस प्रदर्शन ने उन्हें भारत के अलावा, पूरी दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई थी।
मिल्खा सिंह के रिकॉर्ड आज भी भारतीय खेल इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखे हुए हैं। मिल्खा सिंह की कहानी आज भी देश और विदेश के सभी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। मिल्खा सिंह ने अपने जीवन में बहुत कठिन परिश्रम किया, लेकिन उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी थी। मिल्खा सिंह का यह योगदान भारत के लोग हमेशा याद रखेंगे।
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FAQs –
Q. क्या नीरज चोपड़ा का ओलंपिक गोल्ड भारतीय एथलेटिक्स का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है?
A. हाँ, क्योंकि नीरज चोपड़ा का 2020 टोक्यो ओलंपिक गोल्ड भारतीय एथलेटिक्स का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड है। जिसे आप भी कोई खिलाडी तोड़ नहीं पाया है।
Q. क्या भारतीय महिला एथलीटों ने भी कोई विश्व रिकॉर्ड तोड़ा है?
A. वर्ष 2016 में रिओ ओलिंपिक में साक्षी मलिक ने भारत को ब्रॉन्ज़ मेडल दिलाया था। वह पहली महिला कुश्ती पहलवान थी जिन्होनें सबसे पहले ओलिंपिक में भारत को कोई पदक दिलाया हो।
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