US Trade Office के नक्शे में भारत की सीमा स्पष्ट, PoK भी दिखा भारतीय क्षेत्र में
अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस (USTR) के द्वारा हाल ही में जारी एक आधिकारिक मानचित्र की वजह से दुनिया में एकदम से हलचल मचा दी है। इस नक्शे में पूरा जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताया गया, जिसमें पाकिस्तान-कब्जे वाला कश्मीर जिसको PoK कहते हैं वो भी शामिल है।
यह कदम भारत-अमेरिका के बीच चल रही एक इंटेरिम ट्रेड डील यानी अनंतिम व्यापार समझौता के फ्रेमवर्क के साथ जारी किया गया था, जिससे विदेश नीति और क्षेत्रीय राजनीति दोनों में एकदम से हलचल पैदा हो रही है।
भारत के मैप में ऐसा क्या बदलाव देखा गया?
वॉशिंगटन से जारी हुए नक्शे में भारत के राजनीतिक मानचित्र को इस तरह से दिखाया गया कि उसमें जम्मू-कश्मीर और PoK दोनों को ही भारत का हिस्सा माना गया है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि नक्शे में अक्साई चिन को भी भारत का हिस्सा दिखाया गया है, जो चीन और भारत के विवादित क्षेत्र के रूप में लोग जानते हैं ।
इस कदम को अमेरिका की ओर से भारत की क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन का संकेत के रूप में देखा जा रहा है, खासकर कश्मीर को लेकर लंबे समय से चल रहे विवादों को देखते हुए।
कूटनीतिक मायने और अमेरिका का क्या रुख है?
पाकिस्तान-भारत के बीच कश्मीर मुद्दे को हमेशा एक संवेदनशील द्विपक्षीय मामले को हमेशा माना जाता रहा है। परंपरागत रूप से अमेरिका ने कहा है कि यह मुद्दा दोनों देशों के बीच एक बातचीत से हल होना चाहिए, न कि किसी बाहरी देश के निर्णय से। इसका रुख पिछले वर्षों में विविध रहा है। कुछ विश्लेषकों की राय माने तो उन्होंने कहा -
- खासकर दक्षिण एशिया में बढ़ते रणनीतिक सहयोग को देखते हुए, यह नक्शा अमेरिका की विदेश नीति में संभावित बदलाव के संकेत के रूप में मनाज़र आ सकता है।
- इसको भारत की स्थिरता और क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देने वाला एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है।
- हालांकि, अमेरिका ने किसी आधिकारिक बयान में किसी भी तरह से स्पष्ट रूप से कश्मीर को भारत का हिस्सा मानने की पुष्टि भी तक नहीं की है।
पाकिस्तान की क्या प्रतिक्रियाएँ है?
इस नक्शे के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में विषय ने व्यापक ध्यान खींच लिया है। कुछ लोग इसे भारत के कूटनीतिक हित में सफल कदम मान रह हैं, तो वही कुछ लोग इसकीआलोचन करते हुए इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी कह रहे हैं।
परंपरागत रूप से पाकिस्तान कश्मीर पर अपनी दावेदारी पर अड़ा हुआ नज़र आ रहा है और ऐसे नक्शों को हमेशा विवादित ही माना जाता है।
भारत की आधिकारिक स्थिति क्या है?
भारत की सरकार का रुख लंबे समय से स्पष्ट रहा है:-
- जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा माना जाता है।
- PoK की वापसी भारत की प्राथमिकता में से एक मानी जाती है।
- संसद ने 22 फरवरी 1994 को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें PoK को भारत का हिस्सा बताया गया था और हर साल 22 फरवरी को जम्मू-कश्मीर संकल्प दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
विश्लेषण क्यों है और यह मायने रखता है?
राजनीतिक समर्थन
यह नक्शा भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता का संकेत दे सकता है। खासकर उन देशों के बीच जो कश्मीर विवाद में अक्सर संतुलन बनाए रखते हैं।
अंतरराष्ट्रीय छवि
भारत हमेशा से कश्मीर को लेकर स्पष्ट अधिकार का दावा करता रहा है; इस नक्शे से भारत के पक्ष में एक मजबूत संदेश गया है।
पाकिस्तान के लिए दबाव
इस तरह का मानचित्र पाकिस्तान के दावे को वैश्विक मंच पर चुनौती देता है और उसकी कूटनीति पर असर डाल सकता है।
निष्कर्ष क्या है?
अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि कार्यालय का यह कदम सिर्फ व्यापार समझौते के संदर्भ में ही नहीं बल्कि भू-राजनीतिक और कूटनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसा नक्शा विश्व मंच पर भारत के क्षेत्रीय दावों को एक नई पहचान दे सकता है और पाकिस्तान द्वारा लंबे समय से उठाए जा रहे विवादों पर एक राजनीतिक साँझा संकेत पेश करता है।
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