गाजियाबाद त्रासदी: ऑनलाइन गेमिंग की लत ने ली तीन मासूम बहनों की जान
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से आई एक दर्दनाक खबर ने पूरे देश को झकझोर के रख दिया है। यह खबर हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे डिजिटल दुनिया का बढ़ता मायाजाल हमारे और हमारे बच्चों के बीच एक ऐसा खतरनाक फासला पैदा कर रहा है, जिसकी कीमत हमें अपनी मासूम जिंदगियों से चुकानी पड़ रही है।
हाल ही में, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न केवल गाजियाबाद के पुलिस प्रशासन, बल्कि हर माता-पिता को परेशान कर दिया है। यह घटना गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार इलाके की एक हाई-राइज सोसाइटी की बताई जा रही है।
इस सोसाइटी में रहने वाली तीन सगी बहनों ने देर रात 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। राज्य की पुलिस द्वारा शुरुआती जांच में इस खौफनाक कदम के पीछे 'कोरियन गेमिंग एडिक्शन' (Korean Gaming Addiction) और सोशल मीडिया का बढ़ता नकरात्मक प्रभाव सामने आया है।
गाजियाबाद घटना का विवरण
गाजियाबाद की पुलिस द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धार्थ विहार इलाके की एक हाई-राइज सोसाइटी रहने वाली तीनों सगी बहनों ने बुधवार की देर रात करीबन 1:30 बजे अपनी ही बिल्डिंग की 9वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। जाँच के बाद पता चला है कि इन तीनों बहनों की उम्र 12 से 17 साल के बीच थी।
ऐसा बताया जा रहा है कि जब इनके परिवार के अन्य सदस्य सो रहे थे, तब इन तीनों बहनों ने बालकनी में जाकर 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी थी। इस सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड का कहना है कि उसने तेज आवाज सुनी और मौके पर पहुँचा, जहाँ तीनों लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ी थीं।
तीनों बहनों को गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
'कोरियन गेम' का घातक जाल
सिद्धार्थ विहार के पुलिस विभाग द्वारा की गई जांच के दौरान पता चला है कि बच्चों के मोबाइल और टैबलेट से चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि यह तीनों बहनें एक विशेष प्रकार के कोरियन आरपीजी (RPG) गेम की आदी थीं।
- चुनौतियां और टास्क: इस कोरियन आरपीजी गेम में खिलाड़ियों को कुछ 'सीक्रेट टास्क' को पूरा करना होता है। इतना ही नहीं, इन सभी टास्क को पूरा करने के लिए उन्हें विभिन्न प्रकार के वर्चुअल रिवॉर्ड्स दिए जाते हैं।
- सोशल मीडिया इन्फ्लुएंस: जाँच से पता चला है कि गाजियाबाद में रहने वाली ये तीनों लड़कियां कोरियन पॉप (K-Pop) और कोरियन ड्रामा की भी बहुत अधिक शौकीन थीं। तीनों बहनें इंटरनेट पर ऐसे समुदायों से जुड़ी हुई थीं जहाँ 'एस्केप रियलिटी' यानी कि हकीकत से भागना जैसे विषयों पर चर्चा की जाती थी।
- मानसिक दबाव: गाजियाबाद के पुलिस प्रशासन को अंदेशा है कि इस कोरियन आरपीजी गेम के अंतिम स्तर में उन्हें आत्मघाती कदम उठाने के लिए उकसाया गया होगा, जो हमें 'ब्लू व्हेल' या 'मोमो चैलेंज' जैसे पिछले खतरनाक ट्रेंड्स की याद दिलाता है।
गाजियाबाद की यह घटना माता-पिता और समाज के लिए चेतावनी
गाजियाबाद में घटी इस दर्दनाक घटना से हमें पता चलता है कि दिन प्रतिदिन इंटरनेट व ऑनलाइन गेमिंग हमारे देश के बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को किस कदर खोखला कर रही है।
इस पूरी घटना को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समाज में 'गेमिंग डिसऑर्डर' अब एक वास्तविक खतरा बन चुका है। गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर द्वारा इस घटना को लेकर 'साइबर सेल' को विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि इस कोरियन आरपीजी गेम विशिष्ट गेमिंग सर्वर का पता लगाया जा सके।
माता-पिता कैसे करें अपने बच्चों का बचाव?
गाजियाबाद में घटी इस दर्दनाक घटना से सबक लेते हुए देश के मनोचिकित्सकों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
- स्क्रीन टाइम पर नजर: हर माता-पिता को इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि आपका बच्चा कितने समय तक मोबाइल का उपयोग कर रहा है, तथा वह मोबाइल में क्या देख रहा है।
- व्यवहार में बदलाव: अगर आपका बच्चा अचानक से अधिक चुप रहने लगा है या फिर उसे नींद आने में कोई परेशानी हो रही है तो आपको इस प्रकार की बातों के समाधान ढूँढना चाहिए।
- डिजिटल डिटॉक्स: अधिक ऑनलाइन गेमिंग के अलावा, अपक अपने बच्चों को बाहरी खेलों और सामाजिक गतिविधियों के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहित करना चाहिए।
गाजियाबाद में घटी इस घटना का क्या निष्कर्ष निकलता है?
गाजियाबाद में तीन हंसती-खेलती जिंदगियों का इस प्रकार से खामोश हो जाना हमारे समाज के लिए एक बहुत बड़ी विफलता है। हमें इस बात का पता होना चाहिए कि यह समय तकनीक को कोसने का नहीं, बल्कि बच्चों के साथ संवाद का पुल बनाने का है। गेमिंग की दुनिया आभासी हो सकती है, लेकिन उससे होने वाला दर्द और परिणाम पूरी तरह वास्तविक हैं।
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