आखिर क्यों नींद के बाद भी दिमाग थका हुआ महसूस करता है?
Why Mind Feels Tired After Sleep in Hindi: आपने कभी न कभी ऐसा ज़रूर महसूस किया होगा कि पूरी रात अच्छे से नींद लेने के बाद भी आप सुबह उठते समय थकान महसूस करते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि आपके साथ ऐसा क्यों होता है। इस प्रकार की परेशानी बहुत समान्य होती हैं, परन्तु इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण छुपे हुए हैं।
आज हम आपको अपने इस लेख में विस्तारपूर्वक समझाने की कोशिश करेंगे कि आखिर क्यों अच्छी नींद के बाद भी आपका शरीर और दिमाग थका हुआ महसूस करता है और कैसे आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं।
Why Mind Feels Tired After Sleep
1. नींद की गुणवत्ता का असर
क्या आपको भी लगता है कि अधिक समय तक नींद लेने से आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। ऐसा नहीं हैं, क्योंकि नींद की मात्रा जितनी अधिक महत्वपूर्ण होती है, उससे भी ज्यादा जरूरी यह होता है कि आप बिना किसी टेंशन के एक अच्छी नींद ले रहें हैं।
यदि आप एक दिन में 7-8 घंटे सो रहे हैं लेकिन नींद में बार-बार जाग रहे हैं, या नींद गहरी नहीं हो रही है, तो इससे पता चलता है कि आपके दिमाग में कोई न कोई ऐसी बात चल रही है जिससे आपको नींद लेने में परेशानी हो रही है।
जब आप नींद में होते हैं तो उस समय आपका दिमाग दिन भर की जानकारी को प्रोसेस करता है, यादें जमा करता है और शरीर की मरम्मत करता है। अगर आपकी नींद गहरी नहीं होती है तो आपका दिमाग अधिक थका हुआ महसूस करता है।
अब जब भी आपके मन में यह सवाल आए कि Why Mind Feels Tired After Sleep? तो समझ जाइए कि ज़रूर आपकी नींद की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। जिस वजह से आप नींद लेने के बाद भी अधिक थका हुआ महसूस करते हैं।
2. नींद चक्र का असंतुलन होना
नींद आपके दिमाग के लिए बहुत ज़रूरी होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि यदि आप एक अच्छी नींद नहीं लेते हैं तो इसका असर आपको अपनी याददाश्त और सोचने की क्षमता पर अधिक देखनें को मिलेगा।
इन सभी चरणों को आप नींद चक्र का नाम दे सकते हैं। जब भी आप अच्छी नींद नहीं लेते है तो इससे आपका नींद चक्र टूट जाता है, जिस कारण से आपका दिमाग अधिक थका हुआ महसूस करता है।
अगर आप बार-बार यह सोचने पर मजबूर हो रहे हैं कि Why Mind Feels Tired After Sleep? तो इसका एक सबसे बड़ा कारण आपके नींद चक्र का असंतुलन होना हो सकता है।
जब भी आपका नींद चक्र या साइकिल अच्छी नहीं होती है तो इस स्थिति में आपका दिमाग पूर्ण रूप से शांत नही रहे पाता है जिसके चलते आप सुबह-सुबह उठते ही अधिक थकान महसूस करते हैं।
3. अधिक तनाव और चिंता करना
यदि आप एक अच्छी नींद लेने चाहते है तो आपको हमेशा तनाव और अधिक चिंता से खुदको दूर रखना होता है। अधिक चिंता या तनाव में रहने से आपकी नींद की गुणवत्ता पर नकरात्मक प्रभाव पड़ता है।
ऐसा आपने बहुत बार नोटिस किया होगा कि जब आप किसी बात को अधिक चिंतित होते हैं तो आपको एक अच्छी और गहरी नींद लेने में अधिक परेशानी होती है। अधिक तनाव में रहने से आपका दिमाग अधिक सुस्त और थका हुआ महसूस करता है।
4. नींद से ठीक पहले की आदतें
रात में सोने से पहले आप भी अपने फ़ोन, टीवी या फिर लैपटॉप को चलाते होंगे। आपको अपनी इस प्रकार की आदतों को आज से छोड़ना होगा। अधिक फ़ोन या लैपटॉप चलाने से आपकी नींद प्रभावित होती है।
ऐसा इसलिए क्योंकि इन सभी उपकरणों में से निकलने वाली नीली रौशनी में मेलाटोनिन नामक हार्मोन के स्तर बहुत अधिक कम होता है। इस हार्मोन की मदद से आप अच्छी नींद ले सकते है। यदि इस हार्मोन का स्तर कम होता है तो आपको नींद लेने में बहुत अधिक परेशानी होती है।
5. स्वास्थ्य और जीवनशैली
ऐसा ज़रूरी नहीं है कि हमेशा आपको अच्छी नींद न लेने के कारण अधिक थकावट महसूस होती है, बल्कि हमारी ख़राब जीवनशैली और स्वास्थ्य अधिक थकावट का एक महत्वपूर्ण कारण बनते हैं। जैसे कि गलत खान-पान, पर्याप्त पानी न पीना, अत्यधिक कैफीन या अल्कोहल का सेवन, और कम शारीरिक गतिविधियों करना आदि।
अगर आप इन सभी गलत आदतों में सुधार लाते हैं तो आप अपने शरीर और दिमाग दोनों को अधिक थका हुआ महसूस करने से बचा सकते हो।
अगर आपकी दिनचर्या असंतुलित है, खान-पान सही नहीं है और साथ ही आप शारीरिक गतिविधि बहुत कम करता हैं तो, इस स्थिति में आपके मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि Why Mind Feels Tired After Sleep? ख़राब स्वास्थ्य और जीवनशैली का आपकी नींद पर नकरात्मक प्रभाव पड़ता है जिसके चलते अच्छी नींद लेने के बावजूद भी आप थका हुआ महसूस करते हैं।
6. नींद की जरूरत अलग होती है
हर व्यक्ति की नींद की जरूरत अलग-अलग होती है। कई व्यक्ति को सिर्फ 6 की नींद में पर्याप्त आराम मिल जाता है, तो कई व्यक्तियों को पर्याप्त आराम के लिए 9 घंटे की नींद ज़रुरत होती है। अगर व्यक्ति अपनी नींद की जरूरत के अनुसार नहीं सोता है तो, इस स्थिति में व्यक्ति का दिमाग थका हुआ लगता है।
7. कैसे करें दिमाग को तरोताजा
- नियमित नींद लें: आपको प्रतिदिन एक समय पा सोना और उठना चाहिए ऐसा करने से आपके दिमाग को स्थिरता मिलती है।
- फ़ोन या अन्य डिवाइस का कम इस्तेमाल: जब आप सोते हैं तो ठीक उससे 1 या 2 घंटे पहले आपको अपना फ़ोन और टीवी बंद कर देना चाहिए।
- अधिक तनाव से खुदको दूर रखें: आपको अधिक तनाव से खुद दूर रखना चाहिए तनाव को दूर करने के लिए आपको रोजाना ध्यान, योग या हल्की व्यायाम को करना चाहिए।
- एक संतुलित आहार और पानी ज़रूर पिएं: आपको अपनी दिनचर्या में एक संतुलित आहार को ज़रूर शामिल करना चाहिए साथ ही साथ आपको पर्याप्त मात्रा में पानी भी पीना चाहिए।
- स्ट्रेच और हल्का व्यायाम ज़रूर करें: आपको रोजाना सुबह उठते ही हल्की सैर या स्ट्रेचिंग करनी चाहिए ऐसा करने से आपका दिमाग ताजगी महसूस करता है।
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FAQs –
1. क्या ज्यादा सोने से भी दिमाग थक सकता है?
उत्तर- हाँ, अगर आप अधिक देर तक सोते हैं तो इससे आपका नींद चक्र बिगड़ जाता है, जिससे आप अधिक सुस्ती महसूस करते हैं।
2. क्या मोबाइल इस्तेमाल करने से नींद के बाद थकान होती है?
उत्तर- हाँ, आपको सोने से पहले मोबाइल को नहीं देखना चाहिए क्योंकि फोन से निकनले वाली रोशनी आपकी नींद की गुणवत्ता खराब करती है।
3. तनाव का नींद से क्या संबंध है?
उत्तर- तनाव दिमाग को शांत नहीं होने देता, जिससे नींद अधूरी रहती है।
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